- सिस्टम फाइल में अटका नोडल सत्यापन सही, कंप्यूटर रिकॉर्ड गलत…. किसान परेशान
पाटन। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि दो दिन बढ़ाए जाने के बाद भी कई किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। मामला पाटन विधानसभा क्षेत्र के सेवा सहकारी समिति सेलूद का है, जहां सॉफ्टवेयर में हुई त्रुटि के कारण किसानों के टोकन आवेदन में धान की मात्रा कम दर्ज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समिति में डीएमओ के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा टोकन आवेदन दर्ज करते समय किसानों की धान की मात्रा वास्तविक से कम दर्ज कर दी गई। जबकि नोडल अधिकारी द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में धान की मात्रा सही पाई गई और उसी अनुसार प्रविष्टि की गई है।
इन किसानों के टोकन आवेदन में त्रुटि पाई गई है:
केशव चंदेल, टोपू धनकर, पीलू राम कश्यप, निजाम सिंह, हजरत अली, अजय सिंह, लखन लाल सेन।
किसान अजय सिंह ने बताया कि उनके पास 16 एकड़ कृषि भूमि है। सत्यापन के दौरान नोडल अधिकारी ममता बंजारे द्वारा 212 क्विंटल धान दर्ज किया गया, जबकि कंप्यूटर रिकॉर्ड में उनके टोकन में केवल 135 क्विंटल ही दर्शाया गया है। शेष 77 क्विंटल धान बेचने के लिए वे सोसायटी के चक्कर लगा रहे हैं।
इसी तरह किसान हजरत अली ने बताया कि उनका सत्यापन 100 क्विंटल का हुआ है, लेकिन टोकन केवल 56 क्विंटल का मिला है। उनके पास अब भी 44 क्विंटल धान रखा हुआ है, जो बिक नहीं पा रहा। उन्होंने बताया कि धान घर में पड़ा-पड़ा खराब हो रहा है और चूहे नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सेलूद सोसायटी द्वारा किसानों की समस्या के निराकरण के लिए 27 जनवरी को कलेक्टर दुर्ग को लिखित सूचना दी जा चुकी है। कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) दुर्ग द्वारा यह मामला संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय रायपुर को भी प्रेषित किया जा चुका है। इसके बावजूद आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
किसानों ने मांग की है कि सॉफ्टवेयर में हुई त्रुटि को तत्काल सुधारकर उनके टोकन में सही मात्रा दर्ज की जाए, ताकि वे अपना धान समर्थन मूल्य पर बेच सकें।
