देवरीबंगला/ग्राम पंचायत भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा निर्देशानुसार बुधवार को नवनिर्वाचित सरपंचों एवं पंचों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सरपंचों व पंचों को उनके दायित्व अधिकारों तथा पंचायत व्यवस्था की कार्यप्रणाली से अवगत कराना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ना निर्वाचित सरपंचों व पंचों को पंचायत राज व्यवस्था का विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें पंचायत के कार्य जिम्मेदारियां अधिकारों के साथ-साथ ग्राम विकास में उनकी भूमिका को समझाया गया। ताकि वे अपने कर्तव्यों का बेहतर ढंग से निर्वाण कर सके। पंचायत को आर्थिक सामाजिक और प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई मास्टर ट्रेनर चंद्रप्रभा सुधाकर ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए बताया कि शासन द्वारा क्लस्टर वाइस प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इसके तहत जेवरतला, नाहंदा, संबलपुर, गैंजी,राणाखुजी, फरदफोङ, के पंचायत भवन में 19 ग्राम पंचायत के सरपंचों व पंचों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि इसी तरह चरणबद्ध तरीके से सभी ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित सरपंचों व पंचों को प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे पंचायत प्रतिनिधियों की कार्य क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि हो सके।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य संवर्धन में पंचायत की भूमिका और समग्र ग्राम विकास पर जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर्स ने छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य परिदृश्य एवं प्रमुख चुनौतियां, स्वास्थ्य क्या है, स्वास्थ्य के आयाम, स्वास्थ्य पर समझ, स्वास्थ्य सेवाएं तथा स्वास्थ्य सुधार में ग्राम पंचायत की भूमिका पर विस्तृत चर्चा कर समझ विकसित की गई। प्रशिक्षण के दौरान पंचायती राज व्यवस्था, पेसा और पंचायत स्तर की योजनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।
1 दिन में चार स्थानों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण ब्लॉक समन्वयक शोभा शर्मा, स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक अनीता रामटेक, नैन साहू तथा मितानिन प्रशिक्षकों ने सहयोग दिया।
