रानीतराई। ग्राम रानीतराई में विजय वर्मा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा पुराण में जड़भरत (अजामिल),दक्ष चरित्र, ध्रुव चरित्र पृथु चरित्र की कथा सुनाया गया कथा वाचक पंडित हरिशरण महराज ने बताया की यह कथा श्रीमद्भागवत पुराण की एक प्रसिद्ध कथा है, जिसमें एक पापी ब्राह्मण अजामिल मृत्यु के समय अपने पुत्र नारायण को पुकारता है और उसके इस आकस्मिक नामोच्चारण से भगवान विष्णु के दूत उसे बचाने आते हैं, यमदूतों से उनका संघर्ष होता है और अंततः अजामिल को मोक्ष (वैकुंठ) की प्राप्ति होती है, जो यह दर्शाती है कि भगवान के नाम का स्मरण, चाहे वह किसी भी भाव से हो, पापों का नाश कर मुक्ति दिला सकता है।
अजामिल ब्राह्मण की जिसका वर्णन श्रीमद् भागवत पुराण में है। यह कथा यह बताती है कि किस प्रकार धर्म से भ्रष्ट होने के बावजूद एक अच्छा कर्म आपको मोक्ष तक दिला सकता है
दुष्ट एवं दुराचारी होने के बावजूद संतों की एक दिन संगत से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कथा वाचक ने बताया की एक दिन वह गांव से बाजार जा रहे थे तो उन्होंने एक नर्तकी को देख लिया। नर्तकी वेश्या थी बावजूद इसके वह उसे अपने घर ले आए। अजामिल अपने नौ बच्चों के साथ रहने लगे। एक दिन पच्चीस संतों का एक काफिला अजामिल के गांव से गुजर रहा था। यहां पर शाम हो गई तो संतों ने अजामिल के घर के सामने डेरा जमा दिया। रात में जब अजामिल आया तो उसने साधुओं को अपने घर के सामने देखा। इससे वह बौखला गया और साधुओं को भला बुरा कहने लगा। इस आवाज को सुन कर अजामिल की पत्नी जो वेश्या थी वहां आ गई। पति को डांटते हुए शांत कर दिया। अगले दिन साधुओं ने अजामिल से दक्षिणा मांगी। इस पर वह फिर बौखला गया और साधुओं को मारने के लिए दौड़ पड़ा। तभी पत्नी ने उसे रोक दिया। साधुओं ने कहा कि हमें रुपया पैसा नहीं चाहिए। इस पर अजामिल ने हां कह दिया। साधुओं ने कहा कि वह अपने होने वाले पुत्र का नाम तुम नारायण रख ले। बस यही हमारी दक्षिणा है। अजामिल की पत्नी को पुत्र पैदा हुआ तो अजामिल ने उसका नाम नारायण रख लिया और नारायण से प्रेम करने लगा। इसके बाद जब अजामिल का अंत समय आया तो यमदूतों को भगवान के दूतों के सामने अजामिल को छोड़ कर जाना पड़ गया। इस तरह अजामिल को मोक्ष की प्राप्ति हुई। इसलिए कहा गया है कि भगवान का नाम लेने से ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।इस अवसर पर जनपद सदस्य रश्मि वर्मा गोल्डी वर्मा बसन्ती वर्मा केदार वर्मा भविष्य जैन सत्यनरायण टिकरिया सरपंच सन्तोष पटेल पूर्व सरपंच निर्मल जैन,धनराज साहू , शीतल देवांगन ,डोमन धुरंधर ,साकेत देवांगन , प्रेमलता चंद्राकर, सुनीता यदु ,कोमल देवांगन ,सहित ग्रामीण व आसपास के ग्रामीण कथा सुनने काफी संख्या में उपस्थित थे।
रानीतराई में गूंजा भागवत रस: जड़भरत, ध्रुव, पृथु और अजामिल कथा से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
