पाटन। ग्राम पंचायत पतोरा के आश्रित ग्राम देउरझाल स्थित एक पत्थर खदान में संचालक द्वारा लीज क्षेत्र से बाहर तक खुदाई किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थल पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि खदान की कटिंग निर्धारित सीमा से आगे बढ़ चुकी है, जिससे जमीन का किनारा सीधा और कमजोर हो गया है। जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार खदान के आसपास केवल अस्थायी खंभों से घेराबंदी की गई है, जो सुरक्षा मानकों के अनुसार पर्याप्त नहीं है। खेतों के नजदीक इस प्रकार की गहरी कटिंग से ग्रामीणों, मवेशियों और राहगीरों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान संचालक नियमों की अनदेखी करते हुए बिना पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध और अनुमति के लीज एरिया से बाहर अवैध उत्खनन कर रहा है। मामले की जानकारी प्रशासन को दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
खदान संचालक द्वारा पर्यावरण नियमों को भी ताक पर रखा गया है। खनन नियमों के अनुसार खदान क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण किया जाना चाहिए, लेकिन स्थल पर एक भी पेड़ लगाया हुआ नहीं दिखता। उल्टा, ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन के दौरान वहां पहले से मौजूद पेड़ों को भी उखाड़ दिया गया है, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खदान का सीमांकन कराकर लीज सीमा की जांच की जाए, अवैध खुदाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि संभावित दुर्घटना से पहले प्रभावी रोकथाम हो सके।
लीज सीमा से बाहर अवैध खनन! पतोरा खदान में सुरक्षा और पर्यावरण नियमों की खुली अनदेखी
