खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,,,,
राजिम- गरियाबंद जिले के दुधकैया गांव में अप्रैल 2025 में शिव मंदिर में तोड़ फोड़ किया गया था, जिसमें ग्रामीणों की शिकायत पर इसके मुख्य आरोपी आरिफ को गिरफ्तार किया गया था, आरोपी आरिफ उस वक्त नाबालिग था, तब उसे बाल संप्रेषण गृह में रखा गया था, कुछ दिनों पहले ही उसे जमानत मिली थी, छूटकर आते ही उन लोगों को परेशान करना शुरू दिया जो लोग शिव मंदिर मामले में प्रत्यक्षदर्शी थे, या फिर शिकायतकर्ता थे, रविवार को आरोपी आरिफ अपने दो सहयोगी इमरान और सलीम के साथ मिलकर गांव से बाहर दिखने वाले ग्रामीणों की जमकर पिटाई शुरू कर दी, पत्थर, रॉड, तलवार से पीटना शुरू किया,

हमले का सिलसिला दोपहर तक चलता रहा, 7 ग्रामीण तब तक लहूलुहान हो गए गए, पीड़ित शिकायत लेकर राजिम थाना पहुंचते गए, मामले में राजिम पुलिस की अनदेखी के चलते शाम 5 बजते ही आक्रोश फूटना शूर हुआ और फिर ग्रामीण कानून अपने हाथ में ले लिए, आरोपियों के घर को तोड़ फोड़ करना शुरू किया, धीरे धीरे आक्रोश हिंसक घटना में तब्दील हो गया, आक्रोश बढ़ता देख राजिम पुलिस ने तीन तीन अलग एफआईआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, आगजनी में फंसे आरोपी के परिवार को देर रात घरों से निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है, वहीं इस हिंसक झड़प में पुलिस के आधा दर्जन जवान और अधिकारी भी घायल हुए हैं, कुछ मीडिया कर्मियों को भी चोटें आई है, साथ ही ग्रामीण भी रस्सा कसी में घायल हुए है,

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है, कि आरोपी के अन्य सहयोगी लगातार गांव के माहौल को खराब करते रहे हैं, गांव में नशा खोरी, मारपीट, गाली गलौच के अलावा जमीन पर अतिक्रमण जैसे घटना को लगातार अंजाम दे रहे थे, जिसको लेकर आक्रोश धीरे धीरे पनप रहा था, अभी भी ग्रामीणों को डर है, कि मामले में छूटने के बाद आरोपी फिर से गांव वालो से बदला लेंगे, इसलिए ज्यादातर ग्रामीण खुल कर कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं।
