पाटन। राज्य सरकार द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अब अपने अंतिम चरण में है, लेकिन इसके बावजूद सेवा सहकारी समितियों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला पाटन विकासखंड की सेवा सहकारी समिति घुघुवा का है, जहां सोमवार सुबह 10 बजे तक समिति का मुख्य द्वार नहीं खुल पाया।

सुबह से ही किसान अपनी उपज लेकर समिति परिसर के बाहर सड़क किनारे वाहनों की कतार में नजर आए। ठंड और असुविधा के बीच किसान इस इंतजार में रहे कि आखिर धान खरीदी कब शुरू होगी। किसानों ने बताया कि समय पर समिति नहीं खुलने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धान खरीदी को लेकर लापरवाही यहीं तक सीमित नहीं है। समिति परिसर में पूर्व में खरीदी गई धान की अब तक स्टैकिंग नहीं की गई है। जब तक धान का स्टैक नहीं किया जाता, तब तक नई खरीदी शुरू करना संभव नहीं होता। ऐसे में खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।
किसानों की चिंता सता रही है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो धान खरीदी के अंतिम दिनों में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
