*”* शिकायत गलत साबित हुआ
शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम के प्राचार्य डॉ. सविता मिश्रा तथा सहायक प्राध्यापक श्री मोहन लाल वर्मा, सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेंद्र देवांगन, सहायक प्राध्यापक कु. मनीषा भोई के विरुद्ध शासन को की गई शिकायत का मामला पूरी तरह गलत निकला। इस मामले में शिकायत फर्जी पाई गई। शासन द्वारा जांच उपरांत इनके निलंबन को समाप्त कर इन्हें बहाल कर दिया गया। इनके मामले में फर्जी शिकायत करके शासन को गुमराह किया गया।
शिकायतकर्ता द्वारा समान खरीदी मामले में गलत जानकारी देकर भ्रांति फैलाई गई थी। वास्तविकता यह है, कि न तो सामग्री क्रय की गई और न ही भुगतान महाविद्यालय द्वारा किया गया। जिसे जांच समिति द्वारा जांच के उपरांत सामग्री क्रय नियम 2002 एवं जेम पोर्टल के अनुरूप पाया गया। जिसकी वजह से जांच समिति द्वारा प्राचार्य एवं तीन सहायक प्राध्यापकों के बहाली की अनुशंसा की गई।
तदोपरांत शासन द्वारा इन्हें बहाल करने का आदेश दिया गया। नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव एवं महाविद्यालय जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष सुश्री छाया राही ने फर्जी शिकारतकर्ता पर कार्यवाही की मांग की।
उन्होंने बताया कि, प्राचार्य डॉ. सविता मिश्रा के कार्यकाल में महाविद्यालय लगातार विकास की ओर अग्रसर हुआ है उल्लेखनीय है कि इनके कार्यकाल में हिंदी एवं राजनीति विज्ञान विषय पर शोध केंद्र स्थापना के लिए निरंतर प्रयास किया गया। निकट भविष्य में उक्त विषयों में शोध केंद्र खुलने की संभावना है। महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा महाविद्यालय की अधोसरंचना संरक्षण, अनुसंधान के लिए महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों व प्राध्यापकों को प्रेरित किया गया। छात्र छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए ई लाइब्रेरी, उत्कृष्ट शिक्षा, अनुशासन एवं हिंदी तथा राजनीति विज्ञान विषय पर शोध केंद्र की स्थापना का सफल प्रयास किया गया।
