गन्ना कृषकों के आर्थिक विकास पर डॉक्टर गौसेवक प्रसाद को पीएचडी उपाधि

दुर्ग,,हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग ने कृषकों के आर्थिक विकास के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि डॉक्टर गौसेवक प्रसाद को उनके शोध “छत्तीसगढ़ सहकारी शक्कर कारखानों से कृषकों की आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन” विषय पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई।

उनके शोध निदेशक डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह सहायक प्राध्यापक (शासकीय नेमीचंद जैन शासकीय महाविद्यालय दल्लीराजहरा) एवं सह शोध निदेशक डॉक्टर हरजिंदर पाल सिंह सलूजा प्राध्यापक (शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग ) यह शोध अध्ययन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के विस्तार, सहकारिता की भावना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहकारी शक्कर कारखानों की भूमिकाओं को रेखांकित किया गया है, जो कि वाणिज्य क्षेत्र में कृषकों के विकास पर एक नवाचारपूर्ण विषय है। डॉ गौसेवक प्रसाद ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा(NET) राज्य पात्रता परीक्षा (SET) उत्तीर्ण किए हैं एवं उन्हें जूनियर रिसर्च फैलोशिप (JRF) अवार्ड भी मिला हुआ है।

शोध क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है, उनके कई शोध पत्र स्कोपस, यूजीसी केयर सूचीबद्ध, पियर रिव्यू आदि जनरल में प्रकाशित हो चुके हैं एवं कई शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत किए है। डॉक्टर गौसेवक प्रसाद वर्तमान में शासकीय महाविद्यालय गुरुर में सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) के पद पर पदस्थ हैं।

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