बेटी ला तीजा लाने बर नई जाना है, बहू ला तीजा भेजना नई है..कोरोना वायरस फैलने के डर से कई ग्रामो में लिया गया निर्णय

विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो चीफ

फिंगेश्वर – रविवार को हलषष्ठी व्रत के बाद छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण त्योहार ‘तीजा’ आने वाला है। इसको लेकर गांवों में कोटवार मुनादी कर रहे हैं कि ‘बेटी ला तीजा लाने बर नई जाना हे, बहू ला तीजा भोजना नई हे।’ वहीं कुछ गांवों में ग्रामीण नारा लगा रहे हैं कि ‘कोरोना से बचे बर अंते-तंते झन जाव।’ इन सबके बीच बहू-बेटियों में असमजंस की स्थिति बन गई है। उधर, एसडीएम का कहना है कि इस तरह का कोई प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुआ है। घर, गांव व्यवस्था को लेकर सरपंचों द्वारा इस तरह की मुनादी काराई जा रही होगी तो इसकी जानकारी हमें नहीं है।

कोटवार गांवों में हाका लगा रहे हैं कि इस बार ‘तीजा, पोला लानना अउ लेगना सख्त मना किए जाथे, कोई भी बेटी ला तीजा लाने बर नई जाना हे, बहू ला तीजा भेजना नई हे, अपन बेटी के ससुराल में खबर कर दो, तीजा नई लानन अऊ बहू के मइके में खबर कर दो कि तीजा ले बर मत आय, तीजा लाना अउ लेगना सख्त मना हे काबर कि छत्तीसगढ़ में कोरोना के संक्रमण लगातार बढ़त हे इसलिए सावधान हो जाओ, यदि बात ल नई मानहु तो एकर जिम्मेदार आप खुद रहू ..।’ इस तरह से कई गांवों में मुनादी हो रही है।

जनप्रतिनिधियों के कहने पर कर रहे मुनादीः कोटवार

गांव के कोटवार से पूछने पर उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के कहने पर मुनादी कर रहे हैं। अनेक महिला सरपंचों ने बताया कि हमारे गांव में इस तरह की मुनादी हम नहीं करवा रहे हैं। तीजा जैसे छत्तीसगढ़ विशेष हमारे अंचल में आस्था स्नेह व व्रत का यह त्योहार तो महिलाएं अपने मायके में ही मनाती हैं चाहे नवविवाहिता हो या बुजुर्ग महिला। तीजा के दिन मायके में ही रहती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *