? –रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो
मैनपुर।सुदूर बीहड़ अंचलों में निवास करने वाले ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से हमेशा जूझना पड़ता है। खास करके स्वास्थ्य के दिशा में शासन प्रशासन के द्वारा फील्ड कर्मचारियों के कमी के चलते पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा ग्रामीणों को नहीं मिल पाता। और जो फील्ड में तैनात है। उन कर्मचारियों को बीहड़ इलाका पसंद नहीं होने के कारण ब्लॉक मुख्यालय कोसों दूर होने के बाद भी वहीं से ड्यूटी किया करते हैं। जिसका सीधा असर ग्रामीणों के स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। लेकिन बहुत सारे कर्तव्यनिष्ठ फील्ड कर्मचारी होते हैं।जो अपने कार्यों को सेवा समझते हुए बीहड़ इलाकों में ही रहकर ईमानदारी पूर्वक ड्यूटी निभाते हैं। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ स्वास्थ्य सेवा देने वाले महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के काम के जज्बे को सरपंच सुनील मरकाम ने सम्मान दिया है।

हम उन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की बात कर रहे हैं।जो विकासखंड मैनपुर के राजा पड़ाव क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र गोना में पदस्थ है। श्रीमति हुलसी मरकाम।जिनको उप स्वास्थ्य केंद्र गोना में पदस्थ हुए लगभग 6 माह होने को है।गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र में ही अपने परिवार के साथ रहती है। चाहती तो विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से आना-जाना करते हुए पहले के कर्मचारियों की तरह सेवा करती। लेकिन कुछ कर गुजरने की तमन्ना व्यापक, सेवाभावी और ग्रामीणों के सरल व्यवहार ने उसे गांव में ही रहने के लिए विवश कर दिए। इसके पहले जो कर्मचारी पदस्थ हुए थे। उन लोगों ने ब्लॉक मुख्यालय मैनपुर से आना-जाना करते थे। और तो और उप स्वास्थ्य केंद्र में आए दिन ताला लटका रहता था। जिसके कारण ग्रामीणों को प्रारंभिक उपचार सर्दी,खांसी, बुखार, टाइफाइड, मलेरिया के अलावा विशेषकर नवजात बच्चों एवं गर्भवतियो को टीकाकरण एवं प्रसव पीड़ा के समय महिलाओं को भयंकर परेशानी होती थी।जिसके कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर या तो छत्तीसगढ़ सीमा से लगा हुआ उड़ीसा के रायघर में इलाज कराने मजबूर ग्रामीण मुनासिब समझते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रीमति हुलसी मरकाम ने आगे जानकारी दिए, कि शोभा सेक्टर के उप स्वास्थ्य केंद्र गोना के अंतर्गत 3 ग्राम पंचायत के लगभग 8 गांव शामिल हैं। जहां के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा देना मेरी प्राथमिकता में हैं। मैं जब से पदस्थ हुई हूं। तब से गांव में ही रहते हुए लोगों की सेवा कर रही हूं। ऑफिस ड्यूटी के अलावा कार्य क्षेत्र के गांव तक मेरी पहुंच है। मुझे सहयोग एवं मार्गदर्शन हमेशा सेक्टर सुपरवाइजर मैडम से प्राप्त होती है। ग्राम पंचायत गोना सरपंच सुनील मरकाम के मार्गदर्शन एवं सहयोग को मैं नहीं भुला पाऊंगी। ग्राम पंचायत के द्वारा ही मेरे उप स्वास्थ्य केंद्र को आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए अस्पताल जैसा बनाने में अपना योगदान दिए हैं।
संसाधन के अभाव में भी 8 सुरक्षित प्रसव कराने में अहम भूमिका
खास करके सुरक्षित प्रसव को लेकर गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है। क्योंकि नाजुक समय में तत्कालिक स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में अकाल मौते होते भी क्षेत्र में देखा गया है। लेकिन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के जज्बे को सलाम अभी तक 8 सुरक्षित प्रसव उप स्वास्थ्य केंद्र गोना में ही कराई है। उन लोगों को यहां-वहां भटकने की जरूरत नहीं पड़ा। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ सेवाभावी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को हजारों बीहड़ अंचल में रहने वालों की ओर से हृदय से शुभकामनाएं और बधाइयां दिए हैं। और ग्राम पंचायत गोना की ओर से सम्मान करने की बात कही गई है।
