रिपोर्टिंग विक्रम कुमार नागेश ब्यूरो गरियाबंद
मैनपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग राज्य शासन् के दिशा-निर्दशों के तहत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो इसके लिए अनेंक प्रकार के योजनाएं चलाए जा रहे हैं।जिसके अंतर्गत शिक्षकों द्वारा पढ़ई तुंहर द्वार के माध्यम से ऑनलाइन क्लास लिया जा रहा था।जिसमें क्षेत्र के अधिकांश शाला के शिक्षक एवं छात्र भी उक्त ऑनलाइन क्लास में जुड़ रहे थे।किन्तु मैनपुर विकासखण्ड के तहत संचालित शासकीय प्राथमिक शाला झरगांव के छात्र-छात्राओं के पास स्मार्टफोन नही होने के कारण ऑनलाइन क्लास में शामिल नहीं हो पा रहे थे।यह समस्या प्रदेश के कई ब्लॉक और जिला में देखनें को मिला है।जिसके निराकरण के लिए विकल्प के रूप में शासन के निर्देशानुसार संकुल केंद्र झरगांव के संकुल समन्वयक रमेश कुमार राजपूत के प्रयास से शासकीय प्राथमिक शाला झरगांव के शिक्षक रासबिहारी नागेश एवं अशोक कुमार मांझी के द्वारा स्वयं के व्यय से लाउडस्पीकर खरीद कर झरगांव के पारा मोहल्ला में जा जाकर अध्यापन कार्य किया जा रहा है।शिक्षकों द्वारा 10-10 छात्रों का टोली बनाकर कोरोना संबंधी शासन के नियमों को पालन करते हुए बच्चों को पारा मोहल्ला जा -जा कर शिक्षा दी जा रही है।ये दोनों ही शिक्षकों का यह सरहनीय एवं अनूठा प्रयास है।इतना ही नही बल्कि बच्चे भी शिक्षा प्राप्त करने हेतु बहुत उत्साहित नजर आ रहे हैं।शिक्षकों के इस प्रकार के शैक्षणिक कार्य के लिए पालक वर्ग एवं क्षेत्र में भारी प्रशंसा हो रही है।
