? –रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत किसान खरीफ फसल 2020 मे अब अपनी फसल बीमा 18 अगस्त तक करा सकते हैं पहले बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। फसलों का बीमा हो जाने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर बीमित कृषकों को क्षति पुरती उपलब्ध कराके वित्तीय मदद प्रदान किये जाने का प्रावधान है। ताकि कृषक कृषि व्यवसाय में बने रहे हुए उन्नत तकनीकी का उपयोग एवं टिकाऊ नवीन अभिनव क़ृषि हेतु प्रोत्साहित हो सके। खरीफ मौसम में सभी अनाज दलहन तिलहन फसलों हेतु बिमीत राशि का मात्र अधिकत्म दो प्रतिशत प्रीमियम कृषकों द्वारा देय है, तथा कपास फ़सल हेतु अधिकत्म प्रतिशत प्रीमियम देय है। जबकि शेष प्रीमियम राज्य केन्द्र सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। खरीफ की जिन फसलों का बीमा कराया जा सकता है उनमें जिला स्तर से उड़द एवं मुग तहसील स्तर से ज्वार कोदों कुटकी मुंगफली तिल व कपास तथा पटवारी हल्का स्तर पर सिंचित धान असिंचित धान सोयाबीन मक्का बाजरा एवं अरहर की फसलें शामिल हैं। बीमा कराने के लिए पात्र कृषकों में अधिसुचित बैंकों में अधिसूचित फसलें उगाई वाले बटाईदारों और काश्तकारों सहित सभी किसान अपनी अपनी फसलों का बीमा का आच्छादन प्राप्त करने हेतु पात्र हैं। योजना सभी कृषको हेतु स्वैच्छिक की गई है। अल्पकालिक फ़सल ऋण प्राप्त करने वाले कृषकों की फसलों का बीमा संबंधित बैंक द्वारा किया जाएगा।अऋणी कृषक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा,लोक सेवा केन्द्र एवं कार्यरत बीमा कंपनी के अधिकृत एजेंट के माध्यम से करवा सकते हैं। बीमा कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज में फसल बीमा प्रस्ताव फार्म आधार कार्ड पहचान पत्र शासन द्वारा मान्य दस्तावेज जैसे वोटर आईडी राशन कार्ड पेन कार्ड आधार कार्ड समग्र आईडी व डायविंग लायसेंस आदि शामिल हैं।भुअधिकार पुस्तिका बुआई परमान पत्र पटवारी या ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जारी किया हुआ होना चाहिए सभी ऋणी एवं अऋणी कृषकों हेतु आधार कार्ड अनिवार्य है तथा मोबाइल नंबर वांछित है।
