- शिकायतकर्ताओं ने कहा विभाग स्पष्ट करे आखिर हुआ क्या?
पाटन। पाटन विकासखंड के ग्राम गोंडपेंड्री स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ एक शिक्षिका के खिलाफ की गई शिकायत पर जांच तो पूरी हो गई, प्रतिवेदन भी उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया, लेकिन कार्रवाई क्या हुई यह अब तक शिकायतकर्ताओं तक नहीं पहुँच पाया है। पूरा मामला एक महीने से लंबित है।
शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तोरण साहू, ग्राम पंचायत के सरपंच तथा जनपद सदस्य दुलेश्वर मानकुर ने संयुक्त रूप से शिक्षिका एल.बी. शारदा क्षत्रिय के खिलाफ शिकायत शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को की थी। शिकायत में शिक्षिका पर समय पर स्कूल न आने, समय से पहले स्कूल छोड़ने, अध्यापन कार्य में लापरवाही, अन्य शिक्षकों से विवाद करने तथा बच्चों को उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
शिकायत मिलने पर विभाग ने जांच अधिकारी श्री चोड़पिया को नियुक्त किया, जिन्होंने विद्यालय पहुँचकर सभी पक्षों के लिखित बयान दर्ज किए और जांच प्रतिवेदन बीईओ को सौंपा। वहीं, प्रतिवेदन डीईओ कार्यालय भेजे जाने की भी पुष्टि हुई है।
लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच प्रतिवेदन जमा हुए एक महीना हो चुका है, फिर भी विभाग की ओर से यह नहीं बताया गया कि जांच में क्या पाया गया और उस पर क्या कार्रवाई की गई।
जनपद सदस्य दुलेश्वर मानकुर ने कहा जांचकर्ता ने जो भी प्रतिवेदन दिया है, उस पर विभाग ने क्या कार्रवाई की? हमें इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। शिकायतकर्ता होने के नाते हमें यह जानने का अधिकार है।
ज्ञापन में मांग की गई थी कि संबंधित शिक्षिका को अन्यत्र स्थानांतरित कर उसी विषय के किसी अन्य शिक्षक की पदस्थापना की जाए ताकि विद्यालय का वातावरण सामान्य हो सके। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शिक्षिका के व्यवहार से स्कूल में अनुशासन और शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी डालेंद्र देवांगन ने बतलाया कि शिकायत की जांच उपरांत जांच प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया जा चुका है।
