पर्यावरण प्रबंधन पर राष्ट्रीय सेमिनार का दूसरा दिन**”स्वदेशी ज्ञान, बागवानी और नेचर गवर्नेंस पर वैचारिक प्रवाह”

**शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम जिला गरियाबंद में “सतत विकास के लिए पर्यावरण प्रबंधन” पर चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का दूसरा दिन राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम ” के गायन से प्रारंभ हुआ।

संस्था के प्राचार्य डॉ सविता मिश्रा के मार्गदर्शन में पीएम उषा के अंतर्गत संचालित इस राष्ट्रीय सेमिनार के द्वितीय दिवस केप्रथम तकनीकी सत्र के चेयर पर्सन प्रोफेसर अविनाश कुमार शर्मा और डॉ सत्यम कुमार कुंभकार रहे। वक्ता प्रोफेसर डॉक्टर विमल कुमार कानूनगो ने “इंडिक एथॉस ऑफ नेचर गवर्नेंस” विषय पर प्रकाश डाला। ओरल प्रेजेंटेशन के लिए डॉक्टर विक्रम सिंह और मिस चिंता रामानी श्रीमाली ने चेयर पर्सन की जिम्मेदारी संभाली, जिसमें शोधकर्ताओं ने अपने प्रेजेंटेशनप्रस्तुत किया। भोजन विराम के बाद तृतीय तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रोफेसर विमल कुमार कानूनगो और प्रोफेसर अविनाश कुमार शर्मा ने सेमिनार में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।

इसी सत्र में डॉक्टर प्रवीण कुमार शर्मा मुख्य वैज्ञानिक इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने” छत्तीसगढ़ परिदृश्य में सतत विकास में बागवानी की भूमिका “विषय पर अपने विचार रखें। इसी सत्र में ऑनलाइन मोड में डॉक्टर सरस्वती देवी बार वंशी और मधुबाला शुक्ला मैडम ने चेयरपर्सन की भूमिका निभाई जिसमें डॉक्टर मनोज कुमार जिंदल पीडीआरएआईआईटी जोधपुर ने “सतत विकास में स्वदेशी ज्ञान की भूमिका” विषय पर नवीन पहलुओं को सभी के सामने लाने का प्रयास किया। इसके पश्चात ओरल और पोस्टर प्रेजेंटेशन किया गया जिसमें श्री गोविंद साहू, श्री भीखम लाल साइटोड और श्री मुकेश कुर्रे , शोधार्थियों के पोस्टर प्रेजेंटेशन और ओरल प्रेजेंटेशन में प्रस्तुत किए गए अवधारणाओं से परिचित हुए।

मंच का संचालन श्री मुकेश कुर्रे सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र के द्वारा किया गया।

सेमिनार के संचालन में तकनीकी टीम,आयोजन समिति और पूरे महाविद्यालय परिवार का योगदान रहा। सेमिनार में महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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