? –रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो
मैनपुर।विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से 45 किलोमीटर की दूरी पर बसा ग्राम पंचायत गौरगांव के आश्रित ग्राम लाटापारा से वन ग्राम झोलाराव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को भयंकर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कहने के लिए झोलाराव वन ग्राम है। लेकिन वन विभाग तौरेंगा परिक्षेत्र के द्वारा आज तक चलने लायक कच्ची मुरमीकरण सड़क तक नहीं बना पाई।अपने ही हाल में जीने के लिए ग्रामीणों को वन विभाग ने छोड़ दिया है। ने कुछ दिन पूर्व सड़कों की हालत को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। वन परिक्षेत्र अधिकारी तौरेंगा के द्वारा जानकारी बताया गया। कि झोलाराव तक जाने वाली सड़क की हालत खतरों से कम नही है। प्रशासकीय स्वीकृति के लिए उच्च अधिकारियों तक जर्जर सड़क की समस्या को संज्ञान में लाया गया है।विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद सड़क का मरम्मत कराया जाएगा। ज्ञात हो,कि मूलभूत सुविधा का अभिन्न हिस्सा सड़क भी है। उसके बावजूद बरसों से ग्रामीणों के चलने लायक सड़क क्यों नहीं बनाई गई। वन ग्राम, वन विभाग के गोद ग्राम जैसा है। वहां के रहवासियों को सड़क,पानी, बिजली ,शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्यान्न व्यवस्था आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए वन विभाग जिम्मेदार है। ताज्जुब लगता है। जर्जर सड़क होने के कारण ग्रामीणों को बरसात के दिनों में आवश्यक सामग्रियों के परिवहन में कितना परेशानी होता होगा समझा जा सकता है। बरसों से बना पुराना सड़क से ग्रामीण आवाजाही कर रहे हैं। बड़े-बड़े बोल्डर,गिट्टी उबड़ खाबड़ सड़क से होकर लोग आना-जाना करते हैं। शासन प्रशासन के द्वारा ”'”कैसा झोला राव के ग्रामीणों के साथ भद्दा मजाक कर रहा है। रास्ते खराब होने के कारण होने वाली परेशानियों को ग्रामीणों ने बताया बैंकों से कर्ज लेकर खेती तो करते हैं।लेकिन फसलों का वाजिब दाम नहीं मिलता क्योंकि आवाजाही रास्ता ही ठीक नहीं है। जिसके कारण ओने पौने दामों में अपने कमाई को बेचने मजबूर रहते हैं। सड़क के मरम्मत को लेकर कई बार वन विभाग के जिम्मेदारों को कहे जाने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जाना समझ से परे लगता है। बरसात के दिनों में आवाजाही रास्ते ठीक नहीं होने के कारण मूलभूत सुविधाओं के लिए भी झोलाराव के ग्रामीण लखू राम कुंजाम, नारद कुंजाम, रघुराम कुंजाम,प्रेमलाल नेताम,महेश राम,रूपसिंह द्वारा जर्जर सड़क के मरम्मत को लेकर आंदोलन भी कर सकते हैं। लेकिन कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के पालन करते हुए जिला के कलेक्टर, सीईओ से गांव तक जाने के लिए रास्ते को मरम्मत कराने की मांग किया है।
