रागिनी पांडे को मिली पीएच.डी. की उपाधि

रायपुर नगर निगम के ठेका श्रमिकों पर कोविड-19 के प्रभाव पर किया शोध, सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का किया गहन विश्लेषन

रायपुर, 2 नवम्बर।पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा डॉ. रागिनी पांडे को पीएच.डी. (Doctor of Philosophy) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। डॉ. पांडे वर्तमान में विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास में अधीक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपना शोधकार्य “ठेका श्रमिकों पर कोविड-19 के प्रभाव : रायपुर नगर निगम के संदर्भ में एक सामाजिक-आर्थिक अध्ययन” विषय पर पूर्ण किया है।

यह अध्ययन कोविड-19 महामारी के दौरान ठेका श्रमिकों के जीवन पर पड़े सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर केंद्रित है। अपने शोध में डॉ. पांडे ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र के श्रमिकों की आजीविका, रोजगार असुरक्षा, आय में कमी, स्वास्थ्य संकट और सामाजिक चुनौतियों का विस्तारपूर्वक विश्लेषण किया है।

डॉ. रागिनी पांडे पिता चक्रधर पाण्डेय की सुपुत्री, टिकरापारा रायपुर निवासी स्व. श्री जगत नारायण तिवारी की पुत्रवधू तथा मनीष तिवारी (इंस्पेक्टर, पुलिस विभाग) की धर्मपत्नी हैं। उनका यह शोध सामाजिक विज्ञान एवं श्रम अध्ययन के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय योगदान माना जा रहा है, जो भविष्य में श्रमिक कल्याण नीतियों को नई दिशा प्रदान करेगा।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने मार्गदर्शक डॉ. ललित कुमार शुक्ला और अपने परिवारजनों को दिया है। डॉ. पांडे ने कहा कि “यह शोध समाज के अनछुए वर्ग की आवाज़ है।”

इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष-सचिव प्रदीप मिश्र, शिरीष त्रिवेदी, कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष श्रवण ठाकुर, राकेश शुक्ला, सावन ध्रुव, तीर्थराम यादव, अलखराम साहू, गणेश यादव सहित अनेक सहयोगियों ने डॉ. पांडे को बधाई दी है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *