- अमलीपदर में पत्रकारों पर हमला एवं हत्या की धमकी — स्थानीय पत्रकारों का थाना और जिला प्रशासन को ज्ञापन
रोशन लाल अवस्थी के कलम से…..
अमलीपदर। छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला अमलीपदर क्षेत्र का है, जहां मूड़गेल माल सहकारी समिति के शाखा प्रबंधक शिवकुमार सिन्हा पर पत्रकारों से अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व अमलीपदर के पत्रकार राजीव पंडा और उनके साथी एक खबर कवरेज के लिए ग्राम विरी घाट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में शाखा प्रबंधक शिवकुमार सिन्हा ने बीच सड़क पर रोककर दोनों पत्रकारों के साथ गाली-गलौज की और जूता-चप्पल से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उन्होंने यह भी कहा —“अगर आगे से धान से जुड़ी कोई खबर प्रकाशित की तो जान से मार दूंगा। मैं जेल जाने से नहीं डरता”
इस घटना के बाद पत्रकार राजीव पंडा ने थाना अमलीपदर में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, आरोप है कि इसके जवाब में शिवकुमार सिन्हा ने उल्टा पत्रकार के खिलाफ भ्रामक तथ्यों के आधार पर फर्जी रिवर्स एफ.आई.आर. दर्ज करा दी।
पत्रकारों ने सौंपी शिकायत, की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
घटना से आक्रोशित स्थानीय पत्रकारों ने बुधवार को थाना अमलीपदर पहुंचकर थाना प्रभारी को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपी प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
साथ ही ज्ञापन की प्रतियां कलेक्टर गरियाबंद, एसपी गरियाबंद, जिला खाद्य अधिकारी, और राज्य खाद्य विभाग सचिव को भी भेजी गई हैं।
ज्ञापन में पत्रकारों ने चार प्रमुख मांगें रखीं
- इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
- आरोपी शिवकुमार सिन्हा के खिलाफ धारा 506, 294, 352, 500, 504 भा.दं.सं. के तहत कानूनी कार्रवाई हो।
- फर्जी/रिवर्स एफ.आई.आर. को तत्काल निरस्त किया जाए।
- क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वे भयमुक्त वातावरण में कार्य कर सकें।
विधायक जनक ध्रुव ने की निंदा
बिंद्रानवा गढ़ विधायक जनक ध्रुव ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा “देश के चौथे स्तंभ पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रशासन को चाहिए कि आरोपी पर जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई की जाए।”
थाना प्रभारी बोले — निष्पक्ष जांच जारी
थाना अमलीपदर के प्रभारी दिलीप कुमार मेश्राम ने कहा “दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज की गई हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पत्रकारों में आक्रोश
स्थानीय पत्रकारों ने कहा कि वे क्षेत्र की सच्ची खबरें जनता तक पहुंचाने का कार्य करते हैं और किसी भी धमकी या प्रताड़ना से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि “प्रशासन पत्रकार सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उक्त घटना का वीडियो रिकॉर्डिंग होने के बावजूद आरोपी का भी रिवर्स ऑफ आई आर दर्ज करना पत्रकारिता के आजादी पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है”
एस डी ओ पी मैनपुर विकास पाटले ने कहा”घटना की त्वरित जांच और कार्यवाही किया जाएगा, किसी पर भी हमला बर्दाश्त के बाहर है”
पीड़ित पक्ष का कहना है कि हाल ही में धान की अवैध तस्करी और धनोरा गांव में अवैध धान भंडारण पर प्रकाशित खबर के बाद से ही उन्हें लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। तस्कर और प्रबंधन समितियां के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत की खबर से तिलमिला कर इस तरह का कृत्य क्या हो । उस प्रबंधक के खीलाफ किसी बड़ी जांच संस्था के द्वारा जांच करने पर सूत्रों के द्वारा लगाए जा रहे अन्य सभी आरोपों जैसे कि किसानों का ऋण पुस्तिका और पट्टा अपने पास रखना, किसानों के बिना जानकारी व सहमत के बिना किसान लोन लेना हुआ खातू को निकाल कर बाहर मार्केट में बेचना, बोगस खरीदी कर बड़े नफा कामना जैसे आरोपो का पता लग सकता है ।
