रायपुर—छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने कोरोना वारियर्स शिक्षकों का एक करोड़ बीमा एव सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की थी
शालेय शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि संघ ने पूर्व में ही शिक्षकों के कोरोना के सर्वे में ड्यूटी लगाने के पहले शिक्षक का एक करोड़ का बीमा एव सुरक्षा किट उपलब्ध कराने के बाद ही डियूटी लगाने की मांग शासन से की गई थी लेकिन संघ के मांग को ध्यान नही देकर शिक्षकों की डियूटी लगाई जा रही है जिसके कारण शासकीय प्राथमिक शाला देवादा (बेरला) में पदस्थ सहायक शिक्षक विनोद कुमार पटेल की कोरोना संक्रमण से आकस्मिक निधन हो गया,जिससे समस्त शिक्षक समुदाय में घोर निराशा व गहरा आक्रोश पनप रहा है,क्योंकि मृत शिक्षक विनोद पटेल ने विखं शिक्षाधिकारी बेरला के आदेश पर कन्टेनमेन्ट जोन में सर्दी,बुखार,खांसी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की खोज में घर घर सर्वे कार्य किया था,जबकि ऐसे सर्वे करने वाले शिक्षकों को किसी भी तरह के कोरोना सुरक्षा संसाधन शासन प्रशासन की ओर से उपलब्ध नही कराया गया था। कोरोना संक्रमण से मृत शिक्षक विनोद पटेल के परिवारजन को 1 करोड़ मुआवजा और तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग छतीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने की है।
उल्लेखनीय है कि सर्वे उपरांत 27 जुलाई से मृत संक्रमित शिक्षक का रायपुर एम्स में इलाज चल रहा था,और वे वेंटिलेटर पर थे। शिक्षक की इस तरह मौत पर प्रदेश का पूरा शिक्षक समुदाय आक्रोशित है,और अपने साथी के कोरोना संक्रमण की मृत्यु से भड़के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने सवाल उठाया है कि आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन..?? कोरोना संक्रमण से मृत शिक्षक विनोद पटेल को एक करोड़ की मुआवजा राशि एक करोड़ एवं परिवार के सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग करने वालों में प्रमुख रूप से
संगठन के महासचिव धर्मेश शर्मा,प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा,बेमेतरा जिला अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह तथा छतीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के बेरला इकाई शामिल है
