रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन कोष एवं लेखा विभाग मंत्रालय द्वारा अब एक नया निर्देश जारी कर प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों का ई-केवाईसी करने का निर्देश दिया गया है। जिससे शासकीय सेवकों का संपूर्ण बायोडाटा ऑनलाइन कम्प्यूटर में न केवल दर्ज होगा, बल्कि उसका आधार कार्ड से लिंक किया जावेंगा।
इससे प्रदेश के विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं कोषालय अधिकारी कर्मचारी परेशान है। कर्मचारी नेता एवं आम आदमी पार्टी कर्मचारी विंग के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा ने बताया है कि इसके लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित किया गया है, जबकि सर्वर डाउन होने के कारण तथा माह का अंतिम समय के कारण वेतन देयक तैयार करने व सितंबर माह मासिक लेखा बन्दी की समस्या के कारण ई केवायसी संपन्न नहीं हो पा रहा है।
श्री झा ने कहा हे कि सरकार हर कार्य को एक प्रयोगशाला बनाकर संपादित करना चाहती है वर्ष 21-22 में सभी कर्मचारियों का संपूर्ण सेवा दस्तावेज, बायोडाटा, नामिनी आदि जानकारी कार्मिक संपदा के द्वारा कंप्युटर में अपलोड किया गया है। उस समय कार्मिक संपदा में अपलोड न होने पर वेतन तक रोके गए थे, जिसमें संपूर्ण जानकारी पूर्व से ही है। ऐसी स्थिति में आधार कार्ड से लिंग करने के उद्देश्य से बैंक अकाउंट, वेतन, शासकीय सेवकों का दस्तावेज, किसानों के दस्तावेज सब आधार कार्ड से लिंक करने की योजना के तहत कराया जा रहा है। इससे कर्मचारियों की सभी निजी जानकारी प्रकट भी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को मूल दस्तावेज या पहचान नहीं माना है। उसके बाद भी आधार कार्ड से लिंक की जा रही है। श्री झा ने वित्त मंत्री ओ पी चौधरी से मांग की है कि इस प्रक्रिया कार्यवाही को भलीभांति शासकीय सेवक रहने के कारण उससे भिज्ञ हैं। इसलिए इस कार्यवाही को तत्काल रोक लगाए।
