दुर्ग। विगत मंगलवार को पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जामगांव (एम) में सरकारी शराब दुकान का विरोध करने वालों के खिलाफ लूट और शासकीय काम में बाधा पहुंचाने का झूठा अपराधिक मामला दर्ज किए जाने की कार्यवाही को सांसद विजय बघेल ने प्रदेश की भूपेश सरकार की दमनकारी नीति बताते हुए कहा कि मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन में वे स्वयं मौजूद थे और उनके नेतृत्व में ही उक्त विरोध प्रदर्शन किया गया था। स्वयं मुख्यमंत्री की विधानसभा होने के बावजूद पाटन क्षेत्र में कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए पूरी छूट दी जा रही है, जिसके चलते रायपुर शहरी क्षेत्र के शराबी प्रतिदिन लगभग 5 से 10 हजार की बड़ी संख्या में शहरी लॉकडाउन तोड़कर जामगांव एम पहुंचकर कोरोना वायरस के वाहक बन रहे हैं। जामगांव एम और आसपास के 15 गांव की जनता बेहद तनावग्रस्त और परेशान थी, जिसकी शिकायत भाजपा कार्यकर्ताओं से करने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के 2 दिन पहले एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था इसके बावजूद शराब दुकान बंद नहीं हुई, तब जामगांव एम और आसपास के ग्रामवासियों ने मेरे समक्ष आकर शिकायत की। गांव गांव से उठ रहे विरोध के स्वर को देखते हुए मैंने जामगांव एम की शराब दुकान बंद कराने के लिए सभी ग्रामीणों से मंगलवार 5 अगस्त को सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के लिए एकजुट होने की अपील की और इसके 1 दिन पहले विधिवत रूप से विरोध प्रदर्शन की सूचना भाजपा पदाधिकारियों द्वारा स्थानीय पुलिस प्रशासन और अधिकारियों को भी दी गई थी।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि 5 अगस्त मंगलवार को उनके नेतृत्व में आम जनता एवं भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जामगांव एम में शराब दुकान बंदी के लिए पूरी तरह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। विरोध प्रदर्शन में लोकसभा सांसद की उपस्थिति की जानकारी होने के बावजूद पुलिस विभाग ने जानबूझकर अतिरिक्त बल नहीं लगाया और ना ही प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां पहुंचा क्योंकि पुलिस ने मुख्यमंत्री के इशारे पर खास कांग्रेसी नेताओं के साथ मिलकर पहले ही साजिश रच ली थी, जिसके तहत कांग्रेस के असामाजिक तत्वों द्वारा शराब दुकान के सामने अनलोड हो रही गाड़ियों से जानबूझकर कर शराब लुटवाई गई, इस लूट को रोकने का भाजपा कार्यकर्ता ने प्रयास भी किया, जिसकी सारी वीडियो रिकॉर्डिंग है, वीडियो रिकॉर्डिंग में सारा घटनाक्रम स्पष्ट दिखाई देता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के दबाव में आबकारी विभाग द्वारा उल्टे भाजपा कार्यकर्ताओं पर लूट और शासकीय कार्य में बाधा का झूठा मामला दर्ज किया गया है। आम जनता और भाजपा कार्यकर्ता भूपेश बघेल सरकार की ऐसी षड्यंत्रकारी और दमनकारी नीति से डरने वाले नहीं हैं, अब शराब बिक्री का जमकर विरोध किया जाएगा। भूपेश सरकार को खुली चुनौती है, जितना भूपेश सरकार दमन करेगी उतना प्रबल विरोध शराबबंदी का किया जाएगा।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि आंदोलन उनके नेतृत्व में हो रहा था तो फिर उनके खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं लिखी गई। प्रशासन और पुलिस ने दमनकारी नीति से प्रेरित होकर पूरी साजिश रची है। एक महिला जनप्रतिनिधि हर्षा लोकमणि चंद्राकर जो कि पूर्व में जनपद अध्यक्ष रह चुकी है और वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य है उसे किस आधार पर शराब लूटने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोपी बनाया गया है, एक सम्मानित महिला जनप्रतिनिधि पर शराब लूटने जैसा अनर्गल आरोप लगाने से यह साबित होता है कि महिलाओं के प्रति भूपेश सरकार की मानसिकता बेहद निम्न स्तर की है। पुलिस ने जिन भाजपा नेताओं पर मामला दर्ज किया है, उनमें से कोई भी तथाकथित लूट की घटना में शामिल नहीं था, बल्कि झूठा षड्यंत्र रच कर उन्हें गआरोपी बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को भी चेताया कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं के दबाव में आकर दमनकारी षड्यंत्र रचना बंद करें क्योंकि कांग्रेस की सरकार हमेशा नहीं रहने वाली है।
सांसद विजय बघेल ने पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग के समय किए जाने वाले पक्षपातपूर्ण व्यवहार पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि रायपुर से अमलेश्वर के रास्ते पाटन ब्लॉक में आने वाले दोपहिया वाहन चालकों को शराबी होने के कारण नियमों में छूट दी जाती है और उन पर बिना मास्क के और दोपहिया वाहन पर तीन सवारी घूमने की कोई चालानी कार्यवाही नहीं की जाती। पुलिस द्वारा रोके जाने पर जब ये शराबी बताते हैं कि वे शराब पीने के लिए निकले हैं तो पुलिस द्वारा उन्हें पूरे सम्मान के साथ बिना कोई वैधानिक कार्यवाही किए छोड़ देती है जबकि एक सीधे-सादे दोपहिया चालक पर पुलिस का कहर टूटता है और उससे हजारों रुपया जुर्माना वसूला जाता है। शराबियों के साथ पुलिस द्वारा अपने दामाद की तरह व्यवहार किया जाता है। शराबियों को इस प्रकार से छूट देने का काम राज्य सरकार के इशारे पर ही पुलिस द्वारा किया जा रहा है।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि गंगाजल हाथ में लेकर कसम खाने के बाद शराबबंदी से मुकरने वाली भूपेश सरकार को हर हालत में शराबबंदी करनी ही पड़ेगी। शराबबंदी के लिए भूपेश सरकार का मजबूती के साथ विरोध किया जाएगा और झूठे अनर्गल मामलों में फंसा कर परेशान करने और हतोत्साहित करने की किसी भी कार्यवाही से भाजपा कार्यकर्ता और जनता दबने वाली नहीं है बल्कि और ज्यादा प्रखरता के साथ भूपेश सरकार का प्रतिकार किया जाएगा।
