–विकसित छत्तीसगढ़ 2047 विषय पर हुई पैनल चर्चा
–विक्रम शाह ठाकुर
कुम्हारी। स्व. बिंदेश्वरी बघेल शासकीय महाविद्यालय, कुम्हारी की प्राचार्य डॉ. श्रीमती सोनिता सत्संगी के प्रेरणादायक नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना के 25 वर्षों के गौरवपूर्ण उपलक्ष्य पर भव्य रजत जयंती समारोह का आयोजन संपन्न हुआ।
प्राचार्य ने अपने सम्बोधन में विद्यार्थियों की उत्कृष्ट भागीदारी को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक को महाविद्यालय में प्रस्तुत करके यह प्रमाणित कर चुके हैं कि वे न केवल कुम्हारी या छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे, बल्कि पूरे भारत में महाविद्यालय का गौरव बढ़ाएंगे। जो विद्यार्थी अपने क्षेत्र से प्रेम करते हैं, वही पूरे देश से प्रेम करते हैं। हम आशा करते हैं कि 2047 में आपकी भूमिका अग्रणी रहेगी। छत्तीसगढ़ की संस्कृति को धरोहर की तरह संभाल कर संजोकर रखना आपकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। यह विशेष आयोजन शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व, डिजिटल छत्तीसगढ़ और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केन्द्रित विचार-विमर्श हेतु पैनल डिस्कशन के रूप में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग ने कहा –”तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना वर्तमान और भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि युवा पीढ़ी पूरी तन्मयता एवं इच्छा शक्ति से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने को तत्पर हो, तो विकसित छत्तीसगढ़ व विकसित भारत का सपना अवश्य साकार होगा। श्रीमती मीना वर्मा, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष ने युवाओं को सजगता एवं निष्ठापूर्वक अपने दायित्वों का पालन करने का आह्वान किया। डॉ. नीता बाजपेयी, राज्य संयोजक एन.एस.एस., ने “वसुधैव कुटुंबकम” का संदेश देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है। बच्चे 2047 को दृष्टिगत रखते हुए इसे आगे बढ़ाने की दूरदृष्टि से सोचें। स्वामी विवेकानंद के वाक्य ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’ को अपने जीवन का सार बनाएं। जगजीत कौर सलूजा, प्रोफेसर अग्रणी महाविद्यालय, दुर्ग ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए लोगों को प्रेरित किया कि प्रत्येक विद्यार्थी अपने महाविद्यालय परिसर में एक पौधा अवश्य लगाए। यह हरित छत्तीसगढ़ अभियान को सफल बनाने में हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। डॉ. वंदना खरे, कल्पविद्या एन जी ओ से, ने ‘विद्यादान ही महादान’ के आदर्श को साझा किया और विद्यार्थियों को समझाया कि समाज की प्रगति के लिए अपने से कम उम्र के व्यक्ति को शिक्षा देना सर्वोच्च कर्तव्य है। लोकेश साहू पार्षद एवं जन भागीदारी अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से आग्रह किया की जीवनभर सीखने की प्रक्रिया को न छोड़ें। ज्ञानार्जन को अपने चरित्र का अभिन्न अंग बनाएं ताकि आप समाज के सक्षम नागरिक बन सकें। समारोह में सांसद प्रतिनिधि प्रवीण राव , मिथलेश यादव , पार्षद अश्वनी देशलहरे , एवं पत्रकारगण ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और 2047 के लिए छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य पर संक्षिप्त व्याख्यान प्रस्तुत किया। महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक उपस्थिति देकर कार्यक्रम को गौरवान्वित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमृता पाठक ने एवं आभार प्रदर्शन डॉ. मौसमी राय चौधरी ने किया।
