पाटन। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग और प्री यूनिक एशिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ऑयल पाम की उन्नत तकनीक, अनुसंधान, पौध तैयार करने और किसानों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एमओयू पर हस्ताक्षर महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के निदेशक (अनुसंधान सेवाएं) डॉ. जितेंद्र सिंह और प्री यूनिक एशिया प्राइवेट लिमिटेड के जनरल मैनेजर संजीव कुमार गाईन ने किए।
इस चार वर्षीय सहयोग समझौते के तहत दोनों संस्थाएं संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, नर्सरी विकास, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन, कौशल विकास कार्यक्रम, एक्सटेंशन सेवाएं और ऑयल पाम तथा अंतरफसलों की उन्नत खेती के पैकेज पर मिलकर काम करेंगी। इससे छत्तीसगढ़ के किसानों को अत्याधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और बाजार तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।
इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “यह साझेदारी विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रयासों को उद्योग की व्यावहारिक जानकारी और विशेषज्ञता से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इससे हमारे छात्रों और किसानों दोनों को लाभ होगा।”
प्री यूनिक एशिया के जनरल मैनेजर संजीव कुमार गाईन ने कहा, “यह समझौता ऑयल पाम क्षेत्र में टिकाऊ विकास और किसान उन्मुख पहलों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम विश्वविद्यालय की अकादमिक शक्ति के साथ मिलकर ऐसी परियोजनाएं चलाएंगे जिससे किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि होगी।”
इस सहयोग के प्रमुख बिंदु हैं:
ऑयल पाम विकास कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग।
संयुक्त अनुसंधान और फैकल्टी-छात्र विनिमय कार्यक्रम।
किसान उत्पादक संगठनों का गठन एवं सशक्तिकरण।
नर्सरी विकास, कौशल प्रशिक्षण और ‘Farming as a Service’ जैसी पहलें।
विश्वविद्यालय द्वारा उत्पादित ऑयल पाम फ्रेश फ्रूट बंच की सरकारी कीमतों पर बाय-बैक।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह एमओयू कृषि शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच की खाई को पाटने और छत्तीसगढ़ के किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मौके पर प्रो. आर. आर. सक्सेना कुलपति, आर. एल. खरे कुलसचिव, डॉ. राजेश्वरी साहू ओएसडी कुलपति कार्यालय, सी. अनिल कुमार प्रबंध निदेशक, सत्यनारायण मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डॉ. प्रसाद राव पासम डायरेक्टर, राकेश कोप्पुला मुख्य परिचालन अधिकारी सहित अन्य उपस्थित थे।
महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय और प्री यूनिक एशिया ने ऑयल पाम पर किया ऐतिहासिक एमओयू
