*शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम जिला गरियाबंद में छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग ,राष्ट्र सेवा योजना के निर्देशानुसार महर्षि व्यास पूजन का आयोजन किया गया। संस्था की प्राचार्य डॉ सविता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में वाणिज्य विभाग के विभाग अध्यक्ष एम एल वर्मा सहायक प्राध्यापक वाणिज्य ,विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित थे।

कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती की प्रतिमा में पुष्प अर्पण के साथ हुआ ।जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया। स्वागत की कड़ी के पश्चात कार्यक्रम को गति देते हुए दर्शन एवं साहित्य के प्रणेता कृष्णद्वैपायन महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा की पूजा की गई। महर्षि व्यास के श्री चरणों में पुष्प अर्पण किया गया एवं धूप दीप के साथ उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की गई। महर्षि वेदव्यास के विषय में स्वयंसेवकों ने अपने विचार व्यक्त किए। स्वयं सेवकों के पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्ष मिश्रा जी ने महर्षि वेदव्यास की महिमा का गान करते हुए कहा कि वे दर्शन एवं साहित्यके प्रणेता थे जिन्होंने योग एवं दर्शन के महत्व को जनमानस तक पहुंचाया ,साथ ही लोक कल्याणकारी ज्ञान एवं हमारी संस्कृति को सर्व सुलभ बनाया। मैडम ने बताया कि महर्षि एवं संत ही भारतीय संस्कृति के धरोहर रहे है जिनकी धैर्य और तप के आधार पर ही मानव जीवन में मूल्यों एवं संस्कार की आधारशिला रखी गई है। कार्यक्रम में नव प्रवेशी स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सेवा योजना की जानकारी संस्था के ही वरिष्ठ स्वयंसेवकों के द्वारा दी गई।
कार्यक्रम की संयोजक राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती श्वेता खरे ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में महर्षि वेदव्यास की पूजन से युवा पीढ़ी को उनकी प्राचीन संत परंपरा एवं ज्ञान से परिचित कराना तथा उनके आदर्शों को जीवन में उतारना था।
इस कार्यक्रम में उमाशंकर ,लोकेश, देव नंदिनी ,भोज कुमार, भूमिका, राधिका ,राहुल, लाला, अंजलि सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित थे।
