- कवि सम्मेलन का आयोजन के साथ पत्रकारों का किया सम्मान, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी हुए शामिल
पाटन। मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज पाटन राज द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्नदृष्टा, पुरोधा एवं स्वतंत्रता सेनानी डॉ. खूबचंद बघेल जी की 125 वीं जयंती पाटन के कुर्मी भवन में मनाई गई। इस दौरान साहित्यकार, कवि और क्षेत्र के पत्रकारों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में प्रबुद्धजीवियों ने डॉक्टर खूबचंद बघेल के जीवनी पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही किस तरह से खूबचंद बघेल ने समाज निचले तबके लोगों को उनके अधिकार दिलाने संघर्ष किया। इसके अलावा देश के स्वतंत्रता की लड़ाई में उनके योगदान का चर्चा किया गया।

इस आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक पाटन भूपेश बघेल, राजप्रधान पाटन राज युगल आडील , सीताराम वर्मा , भाजपा जिला अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा, जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र चंद्रवंशी , श्रीमती कीर्ति नायक अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन, उपाध्यक्ष कमलेश वर्मा, अमरचंद वर्मा, विशेष रूप से मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन पूजा अर्चना एवं माल्यार्पण के बाद पत्रकार सम्मान समारोह में क्षेत्र के पत्रकारों का सम्मान किया गया। इसके बाद कवि सम्मेलन हुआ जिसमें कवि मीरअली मीर ,कृष्णकुमार भारदीय, ऋषि कुमार वर्मा के द्वारा कविता पाठ किया गया। इससे पहले स्वागत उद्बोधन में राज प्रधान युगल किशोर आडील ने कहा कि किस तरह से धीरे धीरे कुर्मी समाज को टारगेट किया जा रहा है इसके बार में बताया । उन्होंने कहा कि सबसे पहले रही सरकार ने डॉक्टर खूबचंद बघेल के नाम से चल रही स्वास्थ्य योजना का नाम बदला, उसके बाद स्वामी आत्मानंद स्कूल को पीएम श्री किया जा रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर समाज के हितों की रक्षा की लिए काम करने की बात कही। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज हमारे पूर्वजों की बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हों सकता। समाज में सभी प्रकार के लोग जुड़े रहते है। सबका अलग अलग विचार धारा रहता है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल डरने वाला नहीं है। आज पाटन विधानसभा की जनता ने मुझे काफी ताकत दिया हैं। मैं आप सबके हौसला बढ़ाने के कारण ही मजबूती से खड़ा हु। और लडूंगा भी उसी मजबूती के साथ। सभा को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया।
संचालन केदार कश्यप ने किया। मौके पर युवा अध्यक्ष राकेश अडील, मनोज वर्मा , धर्मेंद्र वर्मा, रजना वर्मा ,उर्वसी वर्मा, भेद वर्मा, जस्सू वर्मा, केशव बंछोर, रश्मि वर्मा, लिलेश वर्मा, सुजान वर्मा, महेंद्र वर्मा, कुसुम आडिल पुरेन्द्र वर्मा, सत्यनारायण टिकरिहा ,मंजू फत्ते वर्मा, अशोक साहू,राजेश ठाकुर सहित अन्य उपस्थित थे।
