महिला स्व-सहायता समूह को राखी विक्रय से अच्छी आमदनी


कांकेर —राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत दुर्गुकोंदल विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दुर्गुकोंदल, कोंडे, हाटकोंदल, पेरावारी, लोहत्तर और कोडे़कुर्से की स्व सहायता समूह की महिलाऐं राखियां तैयार कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रही हैं। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा बिहान योजना के तहत राखियां बनाई जा रही है जिनका न्यूनतम मूल्य 10 रूपये से लेकर 70 रूपये तक की दर निर्धारित की गई है। समूह की महिलाओं ने अब तक 726 राखियां बनाकर 14 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त किया है।
नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते अन्य राज्यों से राखियों का आवक नहीं होने से स्थानीय बाजार में स्व सहायता समूह द्वारा बनाई गई राखियों की मांग में वृद्धि हुई है। महिला स्व सहायता समूह के द्वारा बनाए गए राखी आकर्षक सुंदर एवं कम दर पर उपलब्ध होने से लोगों को लुभा रही है। जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के.एल. फाफा एवं विकासखंड परियोजना प्रबंधक नंदनी दीवान के मार्गदर्शन में महिला स्व सहायता समूह द्वारा राखियों बनाने लगी है। दुर्गुकोंदल के मां दुर्गा स्व-सहायता समूह के सदस्यों द्वारा राखी तैयार कर उचित मूल्य में अपने गांव तथा ग्राम संगठन में बेची जा रही है, जिससे स्व सहायता समूह की महिलाएें घर बैठे आय अर्जित कर रहीं है।
गौरतलब है कि विकासखंड दुर्गुकोंदल जनपद पंचायत के अंतर्गत 44 ग्राम पंचायत के 01 हजार 03 महिला स्व सहायता समूह का गठन किया गया है। जिनके द्वारा राशन दुकान, होटल, ग्राहक सेवा केंद्र, मशरूम उत्पादन, धान कुटाई एवं अन्य गतिविधियों में मेहनत कर अपने आय में वृद्धि कर रहीं है। राज्य सरकार के विभिन्न योजनाओं का संचालन समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, इसके अलावा उन्हें शासन द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। परिवार एवं समाज में अच्छी भागीदारी से महिलाओं को नई पहचान मिल रही है।

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