पाटन। क्षेत्र के सबसे बड़े कॉलेज पाटन जिसमें फिर एक बार अव्यवस्था देखने को मिला है। पूर्व जिला उपाध्यक्ष nsui छात्र नेता उमाशंकर निर्मलकर ने प्राचार्य के कार्य प्रणाली पर सवाल उठते हुए कहा है कि प्राचार्य विगत 1 वर्ष से इस अव्यवस्था को नजर अंदाज कर रही है। पुरुष प्रसाधन का गेट कई माह से खुला और टूटा पड़ा है लेकिन प्राचार्य नंदा गुरुवारा को नेताओं के जी हुजूरी से फ़ुरसद नहीं है।
जनभागीदारी के पैसे का कहा खर्च करती है क्या करती है सभी सवालों के घेरे में है। संधारण के पैसे से दरवाजा बन जाता लेकिन छात्रों से पैसे लेकर छात्रों को सुविधा न देना निंदनीय है। एक साल से पीजी के छात्रों को आई कार्ड तक नहीं मिला ये सब पैसे का क्या हुआ इसका भी जवाब नहीं देती है।
कोई बात करने या पूछने पर राजनीतिक दवाब में बात करती है। खुद बीजेपी के नेता जैसे व्यवहार करती है। छात्र नेता उमाशंकर निर्मलकर ने आगे बहुत से विषयों को लेकर महाविद्यालय में अपनी बात रखने की बात कही है।
पाटन कॉलेज में पुरुष प्रसाधन कक्ष का दरवाजा कई महीनों से टूटा पड़ा हुआ…छात्र नेता ने कहा जनभागीदारी के पैसा सवालों की घेरे में
