उतई: पत्नी को जिंदा फांसी में लटकाकर मारने के बाद कर रहे थे अंतिम संस्कार की तैयारी, मृतिका के भाई की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस तब हुआ मामले का खुलाशा

उतई। थाना उतई के चौकी मचाांदुर के ग्राम खोपली में 27 जुलाई को सुबह सूचना मिली कि ग्राम खोपली में रहने वाली लोकेश्वरी साहू उम्र 30 वर्ष की संदिग्ध परिस्थियों में मौत हो गई है। और उसके परिजन बिना पुलिस को बताए अंतिम संस्कार करने की तैयारी में है। इस पर तत्काल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक श्याम सिंह नेताम व थाना प्रभारी उतई सतीश कुमार पुरिया पुलिस टीम के साथ ग्राम खोपली पहुंचे। पुलिस द्वारा मृतिका के शव का निरीक्षण करने पर गले मे निशान दिखने पर तत्काल आला अधिकारियों को घटना के सम्बंध में जानकारी दी गई।

पुलिस अधीक्षक दुर्ग प्रशांत ठाकुर के द्वारा प्रकरण की गम्भीरता को देखते तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक ग्रामीण लखन पटले, अनुविभागीय अधिकारी पाटन आकाश राव गिरपुन्जे एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ पंकज ताम्रकार की टीम को घटना स्थल पहुंचने निर्देशित किया गया। जिनके द्वारा मृतिका के मृत्यु के कारणों को संदेहजनक पाए जाने पर तत्काल मृतिका के मायके पक्ष के परीजनों एवं पति खुमान साहू एव मृतिका की सास रोहणी साहू से गहन पूछताछ की गई।

मृतिका ने फ़ोन पर कहा था यहां से ले जाओ वरना मार डालेंगे

घटना के सूचना देने वाले मृतिका के भाई योगेश साहू और उसकी बहनों ने पूछताछ में बतलाया कि 26 जुलाई को मृतका लोकेश्वरी साहू और उसके पति खुमान साहू के बीच बेहद झगड़ा हुआ था। उसके पति और सास के द्वारा मृतिका को बहुत मारा पीटा गया था। ये बात मृतिका द्वारा 26 जुलाई को दोपहर मृतिका ने स्वयं फ़ोन पर रट हुए अपनी बहन को बतलाई थी और कहा था कि मुझे यहाँ से ले जाओ वरना ये लोग मुझे मार डालेंगे। इसके बाद शाम को मृतिका की अपनी बहन के साथ बात हुई थी जिस पर उसकी बहन ने बताया कि कल उसको लेने हम लोग आएंगे। मृतिका के पति और सास से पुलिस द्वारा गहन पूछताछ करने पर उनके द्वारा मृतिका के साथ मारपीट की बात कबुली गई। उन्होंने बतलाया कि मृतिका के किसी अन्य व्यक्ति से हमेशा फोन पर बात करने से क्षुब्ध होकर अक्सर मृतिका और उसके पति के बीच लड़ाई हुआ करता था। कल भी यही बात बढ़ गई थी जिस पर 26 तारीख की पहले सुबह 11 बजे और शाम को पुनः मृतिका और उसके पति के बीच झगड़ा हुआ जिसमे पहले शाम को लगभग 8 बजे आरोपी खुमान साहू और उसकी सास ने मृतिका को हाथ मुक्के और चप्पल से मारा और जिस पर वह थोड़ी बेसुध सी हो गई तो घर के ही कमरे में लगे पंखे पर फांसी का फंदा बनाकर आरोपी खुमान साहू और उसकी माँ रोहिणी साहू ने लोकेश्वरी को उठाकर जिंदा उस फंदे पर लटका कर फांसी पर झूला दिया। जिससे लोकेश्वरी कि मृत्यु हो गई।

कांग्रेस नेता के साथ मिलकर हत्या के साक्ष्य मिटाने का प्रयास

फांसी में प्रयुक्त किये गए फांदे को काटने में प्रयुक्त हंसिये और फासी लगाने में प्रयोग किए गए फंदे दोनों को ही आरोपी के द्वारा छुपाने और नष्ट करने का प्रयास किया गया था। जिसकी सघन पूछताछ पर आरोपी ने बताया की अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद वह डर गया था और इसके बाद उसने गांव के ही अपने परिचित पुरेन्द्र वर्मा को फ़ोन पर झूठ बतलाया कि मेरी पत्नी आत्महत्या कर ली है आज ही उससे मेरा झगडा हुआ था। और वह अपने परिवार वालो को झगड़े के बारे में बतलाई है। मैं बिना वजह अपनी पत्नी की हत्या में फंस जायूँगा। जबकि मेरी पत्नी ने आत्महत्या की है। इस पर पुरेन्द्र वर्मा और नवीन चन्द्राकर खुमान साहू के घर पहुंचे और खुमान वहां से उनके साथ उनकी गाड़ी में बैठकर फांसी के फंदे को काटने में प्रयुक्त हंसिये को नाले में फेंक दिया और फंदे के उपयोग में लाये टॉवेल को गाव से कुछ दूर ले जाकर जला दिया।

बहन को लेने पहुंचा तो बताया बीमारी के कारण मौत हो गई

सुबह जब मृतिका के भाई योगेश साहू अपनी बहन को लेने ग्राम खोपली मृतिका के घर पर पहुंचा तो मृतिका की सास और उसके पति खुमान साहू ने मृतिका की बीमारी से मृत्यु होना बतलाया लेकिन मृतिका के भाई ने जब अपनी बहन का शव को देखा तो उसे अपनी बहन की मौत संधिग्ध प्रतीत हुआ। तो तत्काल थाने में सूचना दिया गया। पुलिस ने मृतिका के भाई की सूचना पर तत्काल मर्ग कायम कर मौके पर ही मृत्यु के कारणों की जांच शुरू कर दी। जांच में।मृतिका के परिजनों के।लिये गए बयान और मृतिका के पति और उसके सास की स्वीकारोक्ति और उनसे मृतिका की हत्या में प्रयुक्त फंदे के जले अवशेष और हंसिया बरामद होने पर तत्काल प्रकरण हत्या का पाते हुए। भादवि 302,201,34 की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया।

मृतिका के पति खुमान साहू उम्र 33 वर्ष और उसकी सास रोहणी साहू उम्र 55 वर्ष को मृतका की हत्या का आरोपी पाते हुए। तत्काल गिरफ्तार किया गया। जिन्हें न्यायिक रिमांड में भेजा गया। प्रकरण में घटना को साक्ष्य छुपाने में सहयोग करने के कारण दो अन्य आरोपी पुरेन्द्र वर्मा एवं नवीन चन्द्राकर को पुलिस हिरासत में लिया गया तथा घटना में उनकी संलिप्तता एवं मदद करने के कारणों के सम्बंध में पूछताछ की जा रही है।

उक्त प्रकरण के तत्काल निराकरण में थाना प्रभारी सतीश कुमार पुरिया,मचांदुर चौकी प्रभारी श्याम सिंह नेताम,उप निरीक्षक भूपेंद्र ओगरे, सहित चौकी मचांदुर और थाना उतई के स्टॉप की सक्रिय भूमिका रही।

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