ख़बर हेमंत तिवारी
पांडुका ,, अंचल से ग्राम पंचायत कुगदा में नदी के तट पर बीते 4 माह से अवैध रूप से लाखों की मात्रा में ईट बनाकर खपाया जा रहा है। जिसमें चोरी की बिजली से अवैध कनेक्शन खींचा गया है साथ ही नदी के पानी में चोरी कर पंप डालकर अवैध रूप से ईट बनाने में उपयोग कर रहे हैं। तो वहीं नदी के तट पर अवैध रूप से इस राजस्व जमीन को भी लेकर संशय है क्या जमीन किसी किसान का है। य फिर नदी के तट पर लगा है ।राजस्व की जमीन तो नहीं दूसरी तरफ सीकासेर जलाशय का नहर है तो ऐसे में राजस्व विभाग, जल संसाधन विभाग, और विद्युत विभाग की गठजोड़ से तीनों विभाग के संगम से यह अवैध कारोबार चल रहा है।

भारी मात्रा में ईट बनाकर आसपास के गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना या फिर अन्य निजी कार्यों में खपाया जा रहा है।लाखों की मात्रा में बन रहे । अवैध ईट बनाने वाले लोग उड़ीसा प्रांत के और छत्तीसगढ़ सीमा से लगे गांव से आते है।जो कच्ची ईट 8 सौ रुपए प्रति हजार रुपया की दर से बना कर ठेकेदार को देते। जिसे पकाकर बेच दिया जाता है।ठेकेदार द्वारा उनके रहने के लिए अवैध रूप से कनेक्शन खींचकर अस्थाई रूप से बनाएं घरों में लाइट पंखा आदि का उपयोग हो रहा है। साथ ही 24 घंटा यहां बिजली की खपत फूल मात्रा में किया जा रहा है तो वही पानी का भी दुरुपयोग कर ईट बनाने और पास में ही लगे खेत में उपयोग हो रहा है चोरी छुपे इस तरह नदी के तट पर ईट बनने से भविष्य में नदी के तट को भी खतरा है। कुगदा पिकअप वियर से लगे इस अवैध कारोबार से भविष्य में नदी के कटाव से भारी नुकसान होने की संभावना है ऐसा नहीं है कि इन सब बातों की जानकारी विभाग के अधिकारी को नहीं है।

कही उनके संरक्षण में यह अवैध कारोबार कई सालों से हर चल रहा है जिसका मुख्य ठेकेदार पोंड निवासी दानू साहू , कुगदा निवासी परशुराम एवं रायपुरहीन नाम के 3 व्यक्ति द्वारा यहां अवैध ईट निर्माण किया जा रहा है । ईट भट्टे में काम कर रहे लोगों से जब जानकारी पूछने पर बताया गया ।बहुत से साहब लोग आते है ।कोई कुछ नहीं कहते आप लोग कौन से विभाग के साहब है। बता दे अगर यही हाल रहा तो नदी के तट पर इस अवैध कारोबार चलने से पर्यावरण नुकसान नुक्सान हो रहा है।तथा नदी किनारे लगे जंगल भी नष्ट होने लगे हैं। इस लाल ईट के कारोबार से ठेकेदार तो मालामाल हो रहा है पर खनिज विभाग ,राजस्व विभाग , बिजली और जल संसाधन विभाग के राजस्व की हानि हो रही है।
,,,,,अवैध ईट भट्टे के जानकारी लेने सरपंच कुगदा को फोन लगाया गया ।।उन्होंने काल रिसीव नहीं किया ।
,,,,,,कनिष्ठ यंत्री नेहा मताले पाण्डुका,से पूछे जाने पर तुरंत टीम को भेजकर कार्यवाही करने की बात कही,,,,,
