खबर हेमंत तिवारी
छुरा /पूरे देश में इन दिनों पति,, पत्नी की मौत का एक दौर शुरू हो गया है। कहीं पत्नियां अपने पति को मार कर ड्रम में भर रहे तो कही फ्रिज में भरकर या फिर ट्राली सूटकेश में भरकर ठिकाने लगा रहे हैं। तो कहीं पत्निया अपने पति को सांप से कटवा रहे है। तो कहीं पर पति अपने पत्नियों से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के उपाय अपना कर मौत के घाट उतार रहे है।ऐसा ही एक घटना छुरा नगर के आवासपारा वार्ड क्रमांक-3 में सामने आई है,लगभग 12 बजे के आसपास जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से चाकू घोंपकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान बिन्नी मार्कंडेय (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूलतः महासमुंद के सतनामी पारा 1 वार्ड की निवासी थी।बिन्नी बीते दो वर्षों से घरेलू विवाद के कारण अपने मायके में रह रही थी।

उसके दो बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी का सामाजिक रूप से तलाक हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद पति गोपीराम मार्कंडेय (36 वर्ष) ने रंजिश नहीं छोड़ी।मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पति गोपीराम हत्या की नियत से महासमुंद से छुरा पहुंचा। उसने अपनी पैंट के बीच में रबड़ से चाकू बांधा हुआ था। आवासपारा स्थित घर में घुसते ही उसने पत्नी पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बिषन्नी को परिजनों ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, छुरा पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद छुरा थाना पहुंचा और अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल को अपने कब्जे में ले लिया है और एफएसएल टीम के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।

छुरा पुलिस मामले की जांच में जुटी है।पर एक बार फिर सवाल रह जाता है ।आखिर क्यों इस तरह की घटनाएं बार-बार दोहराई जा रही है ।एक दूसरे को मारने के बजाय अलग-अलग रहकर अपनी अपनी जिंदगी नहीं जिया जा सकता समाज में इन सब चीजों की जागरूकता की आज बहुत आवश्यकता है। इस ओर न तो कोई समाज के ठेकेदार ध्यान दे रहा है ।न हीं कोई समाज सेवक ,ना ही ऐसी घरेलू हिंसा रोकने के बारे में जानकारी दी जाती है केवल दीवार लेखन कराकर कार्यक्रम में चार शब्द बोलकर सब अपनी जिम्मेदारी से मुकर जाते हैं।
