खबर हेमंत तिवारी

छुरा,,पाण्डुका/जंगल में इन दिनों तेंदू, चार प्रजाति के फलदार वृक्ष की फल को खाने के लिए लोग लालायित हो रहे हैं और चार वा तेंदू के इस प्राकृतिक मौसमी फल को खाने का अलग ही आनंद है ।पर तिलई दादर और छुरा के बीच में जब गुजरते हैं तो यहां पर सड़क से दिख रहा इस फलदार वृक्ष को काटकर गिरा दिया गया जो फल से लदा है ।ऐसे में संबंधित बीट के बीट गार्ड और चौकीदार सहित डिप्टी रेंजर के निष्क्रियता का पोल खोलने के लिए काफी है। बता दे की इस जंगल की सुरक्षा हाशिए पर है रोज दर्जनों साइकिल ,मोटरसाइकिल से लकड़ियों की सप्लाई हो रही है। जो नगर के होटल ,ढाबा में पहुंचाई जा रही है।तो वही फलदार वृक्षों को भी ग्रामीण नहीं बक्स रहे ऐसे में विभाग के बीट गार्ड के कार्य प्रणाली पर प्रश्न उठना लाजिमी है । फ़लदर वृक्ष जो कटा हुआ है और सड़क किनारे से दिख रहा है जो भी रास्ते से गुजर रहे हैं वह एक नजर देख कर यही कह रहा कि इसकी सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रहे हैं। क्या एक समय के बाद चार तेंदू जैसे मिलने वाले जंगली फल फूल ऐसे ही अवैध कटाई का शिकार हो जाएगा क्या आने वाली पीढ़ी केवल इसे किस्से कहानियां या किताबों में देखेंगे तो वही विभाग की जिम्मेदारों के ऊपर इन पेड़ पौधे को बचाने के लिए मोटी वेतन दिया जा रहा है। वह इस पर ध्यान नहीं दे रहा है साथ ही विभाग के कई चौकीदार गांव-गांव में राजनीति करने में फुर्सत नहीं है वेतन तो वह विभाग का ले रहा है पर राजनीति गांव में कर रहा है ।

सुरक्षा को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है। और बीते दिनों हुए पंचायत चुनाव में कई चौकीदार बहुत दिलचस्पी दिखाय है इसकी जानकारी विभाग के लिए आला अधिकारियों को अच्छे से है पर चौकीदार के ऊपर मेहरबानी ऐसे की मुफ्त में वेतन खाकर मोटे हो जा रहे हैं।और जंगल की सुरक्षा छोड़ अपने निजी कार्यों से फुर्सत नहीं बहर हाल विभाग के बीट गार्ड कोई कार्रवाई नहीं कर सकता तो अपनी और विभाग की नाक बचाने के लिए कम से कम सड़क से दिख रहा इस फलदार वृक्ष को हटा ही देते हैं ।ताकि खुद की ऊपर ड्यूटी की लापरवाही लगने वाले प्रश्न चिन्ह तो खत्म हो जाता ।