समाज को आगे बढ़ाने जिम्मेदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए : पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू

नगर पंचायत उतई एवं ग्राम करगाडीह में कर्मा जयंती में हुए शामिल


उतई। नगर पंचायत उतई मे नगर साहू समाज द्वारा कर्मा जयंती माँ कर्मा सामुदायिक भवन शीतला नगर उतई में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान समाज के महिलाओं द्वारा नगर मे कलश यात्रा निकाली गई समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों, युवाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया साथ गया सामाज के बच्चों द्वारा रंगारंग संसाकृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई । इस अवसर मुख्य अतिथि प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, अध्यक्षता अध्यक्ष जिला साहू संघ नंदलाल साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, तहसील अध्यक्ष पुसूऊ राम साहू, पूर्व अध्यक्ष डिकेंद्र हिरवानी, खुमान साहू, अध्यक्ष खिलावान साहू, नगर अध्यक्ष सरस्वती साहू, अध्यक्ष नगर साहू समाज किशोर साहू, उमाशंकर साहू तुलाराम साहू, द्रोपती साहू, लखन साहू, पदुम साहू, तोषण साहू सहित समस्त पदाधिकारी नगर साहू समाज उपस्थित थे.


इस अवसर पर पूर्व गृह मंत्री श्री साहू ने माँ कर्मा जयंती की शुभकामनायें दी और कहा की ऐसे आयोजनों से समाज में फैली बुराइयां दूर होती है। समाज के बनाए नियमों का कड़ाई से पालन करने की जरूरत है। दिखावे की प्रवृत्ति समाज के लिए घातक है। इसे रोकना होगा। उन्होंने समाज के सदस्यों से कहा कि मीटिंग रखकर अपने पदाधिकारियों को बताएं कि समाज के कौन-कौन से नियम में बदलाव करने चाहिए। इससे एक नया प्रयोग होगा। समाज में समधी भेंट, साड़ी देना, कपड़ा देना, खर्चीली बारात ले जाना ये सब नियम बंद किए जाने चाहिए। समाज मे बहुत गंभीर चिंतन करके समाज में क्या कार्य किया जाना है और कैसे समाज के लोगों को आगे बढ़ाना है, इस दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा की पद पाने के बाद ईर्ष्या और घमंड, अभिमान से दूर रहना चाहिए। मानव को हमेशा झुकना चाहिए। जिन इंसानों में झुकने का गुण होता है, वे संगठन को उतना ही ज्यादा मजबूत करेगा। हमे सिर्फ संख्या में ही बड़े नही होना चाहिए। हमारा आचरण, काम, नियमावली कार्य करने का तौर तरीका अच्छा होना चाहिए। इसके लिए हमारा विचार बड़ा होना चाहिए। समाज में कोई गरीब परिवार है और उनके घर में प्रतिभावान छात्र है तो समाज के लोगों द्वारा सहायता करके आगे बढ़ाना चाहिए। आने वाले पीढ़ी को केसे तैयार करना है इसके लिए चिंतन होना चाहिए। उन्होंने कहा की सामाजिक समरसता होना चाहिए। एक समाज से दूसरा समाज से अच्छा संबंध बनाना चाहिए। सभी समाज से रिश्ता मजबूत करना चाहिए। समाज को आगे बढ़ाने के लिए नयादृनया योजना लागू करना चाहिए। जिस प्रकार बहते जल निर्मल होता है उसी प्रकार ही समाज की गतिविधियां निरंतर होते रहना चाहिए। इस अवसर बड़ी संख्या समाज एवं अन्य समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *