कल राज्य का आम बजट पेश होगा-जनता व कर्मचारियों की बजट से अनेक अपेक्षाएं-विजय झा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का कल 3 मार्च को प्रदेश की जनता के लिए आम बजट प्रस्तुत किया जावेगा‌। इस बजट से प्रदेश के शासकीय कर्मचारीयों व आम जनता को अनेक अपेक्षाएं हैं‌। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा एवं अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय संरक्षण गोपाल प्रसाद साहू ने कहा है कि इस बजट में शासकीय सेवकों के लिए जो प्रदेश के विकास के संवाहक हैं, बजट में अतिरिक्त प्रावधान किया जाना चाहिए। जिसमें विशेष रूप से आगामी 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतनमान लागू होगा। उसके पूर्व प्रदेश के शासकीय सेवकों को 1 जनवरी 16 से प्रभावशील सातवें वेतन आयोग के प्रावधानों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान यथावत लागू करना चाहिए।

श्री झा ने तर्क दिया है कि केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 53% है वहीं राज्य सरकार के कर्मचारियों को मात्र 50% मिल रहा है, 1 जनवरी से केंद्रीय कर्मचारियों का एक किस्त में और बढ़ोतरी होगा। 50% महंगाई भत्ता होने पर उसे मूल वेतन में जोड़कर वेतन आयोग का कार्य प्रारंभ हो जाता है। आज भी प्रदेश के कर्मचारी छठवें वेतनमान में मूल वेतन का 10% ही गृह भाड़ा भत्ता व नगर क्षति पूर्ति भत्ता प्राप्त कर रहे हैं।सबसे गंभीर विषय 1 अप्रैल 2022 से प्रदेश में लागू पुरानी पेंशन योजना के तहत जीपीएफ खाते में प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के काटे गए राशि का कोई लेखा-जोखा नहीं है। यह राशि डूबत खाते में चली गई, जैसे पूर्व में 17240 करोड़ एनएसडीएल कंपनी में डूबा था। दोनों सरकारों ने प्रदेश के युवा पीढ़ी का 20 साल का जीवन बर्बाद कर दिया। दोनों ने अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण का आश्वासन चुनाव पूर्व दिया, लेकिन दोनों ने पूरा नहीं किया। इसी प्रकार अभी चुनाव पूर्व बीएड प्रशिक्षित बस्तर सरगुजा के आदिवासी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई है, उन्हें वापस सेवा में बहाल किया जाना चाहिए। श्री झा ने प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना ही लागू करने की मांग प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से की है‌।

क्योंकि अब चार इंजन वाली सरकार हो गई है। उन्होंने एनपीएस के बाद यूपीएस जो 1 अप्रैल 25 से प्रस्तावित है का विरोध करते हुए 2004 के पूर्व जारी पुरानी पेंशन को ही बहाल करने की मांग की है। बजट में मंत्रालयीन कर्मचारियों के समान मैदानी कर्मचारियों को भी पदोन्नति तथा वरिष्ठ पद पर काम करने के लिए प्रोत्साहन भत्ता सहित वर्तमान में पेंशन व्यवस्था को सुचारू रूप से प्रभावशील कर वृद्धावस्था में नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने तथा अनुकंपा नियुक्ति पर लगे 10% के सीमा बंधन को भी समाप्त करने की मांग वित्त मंत्री ओपी चौधरी से श्री झा ने की है। इन बिंदुओं के लिए स्थापना व्यय में बढ़ोतरी कर बजट प्रावधान किए जाने की अपेक्षा मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री से की गई है।

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