रायपुर। देश में स्कूलों को खोलने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्य को एक पत्र लिखा, जिसमें अभिभावकों की राय से अवगत कराना था। लेकिन केंद्र सरकार का पत्र जवाब देने के आखिरी दिन छत्तीसगढ़ पहुंचा। शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कहा कि सोमवार को पत्र मिला है, जिसका तत्काल जवाब देना संभव नहीं है। प्रदेशभर से फीडबैक लेने के बाद ही केंद्र सरकार को जानकारी दी जाएगी। प्रदेश के 57 हजार स्कूल में करीब 60 लाख छात्र पढ़ाई करते हैं। ऐसे में अब शिक्षा विभाग अभिभावकों से राय लेगा कि स्कूल अगस्त, सितंबर या फिर अक्टूबर में कब खोला जाए।एचआरडी मंत्रालय ने 17 जुलाई को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूली शिक्षा सचिवों को पत्र लिखकर अभिभावकों से स्कूलों के खोलने को लेकर राय जानने को कहा था। इसमें अभिभावकों से तीन सवाल पूछे जाने थे।
पहला – स्कूलों को वह अगस्त, सितंबर या अक्टूबर में कब खुलवाना पसंद करेंगे।
दूसरा-स्कूलों के खुलने के बाद उनकी स्कूलों से क्या अपेक्षाएं होंगी।
तीसरा-वह इसे लेकर अपनी कोई भी स्वतंत्र राय दे सकते हैं। मंत्रालय ने राज्यों से अभिभावकों की राय से जुड़ी यह पूरी रिपोर्ट 20 जुलाई तक देने को कहा था। हालांकि छत्तीगसढ़ में जिला स्तर पर अभिभावकों से राय ली गई है, लेकिन प्रदेश स्तर पर अब तक कोई सर्वे नहीं किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर मिले फीडबैक में अभिभावकों ने कहा था कि जब तक कोरोना की दवा नहीं आ जाती, वो अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।दरअसल, एचआरडी ने 17 जुलाई को पत्र जारी किया। इसके बाद शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण अधिकारियों को सोमवार को पत्र मिला। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब इस पत्र के आधार पर प्रदेशभर में सर्वे कराया जाएगा और उसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। हालांकि इसकी कोई समय सीमा अधिकारी नहीं बता पा रहे हैं। एचआरडी मंत्रालय की इस कवायद को एक अगस्त से अनलॉक-3 की गाइडलाइन से जोड़कर देखा जा रहा है।
