ब्रह्मा बाबा ने नारी को शिव शक्ति स्वरूपा निर्भय बनाकर विश्व परिवर्तन के जिम्मेवारी के निमित्त बनाया…

भिलाई:- सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम हंसो से सुसज्जित खुशी और उमंग उत्साह के पंखों फूलों से सजे पिताश्री ब्रह्मा बाबा का चित्र सभी को सहज ही परमधाम वतन मेरा घर की ओर आकर्षित कर रहा था।

भिलाई सेवाकेंद्रो की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी ने पिताश्री ब्रह्मा बाबा के 56 वीं पुण्य तिथि पर पुण्य संस्मरण सुनाते हुए कहा कि ब्रह्मा बाबा ने नारी उत्थान संकल्प के साथ भारत माता, वंदे मातरम की गाथा को चरितार्थ करते हुए नारी को शिव शक्ति स्वरूपा निर्भय बनाकर विश्व परिवर्तन की जिम्मेवारी के निमित्त बनाया,जिसका आज प्रत्यक्ष प्रमाण समूचे विश्व पटल पर ब्रह्मकुमारीज संस्था नारी शक्ति के कुशल नेतृत्व में राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिकता की अलख जगा रही है।

निराकारी, निरअहंकारी,निर्विकारी पिताश्री ब्रह्मा बाबा के अंतिम शब्द थे वे उन महावाक्यों के स्वरूप में स्थित रहकर अपने हर कर्म से सभी को शिक्षा देकर सिखलाते थे।आज के वरदानी दिवस में सबसे बड़ा पुण्य परमात्मा को याद कर स्वयं को परिवर्तन करना है।आपने कहा कि वतन मेरा घर प्रोग्राम सिर्फ 21 दिन का ही नहीं यह सदा का हमारा प्रोग्राम हो क्योंकि जहां मेरा परमात्मा शिव पिता है वही परमधाम मेरा असली घर वतन है।

 प्रातःकाल ब्रह्म मूहर्त से ही सभी ब्रह्मा वत्सो ने मौन में रहकर मेडिटेशन रूम(बाबा का कमरा)शांति स्तंभ,पीस ऑडिटोरियम में संगठित रूप से राजयोग मेडिटेशन द्वारा पिताश्री ब्रह्मा बाबा की शिक्षाओं को जीवन में धारण कर स्वयं में परिवर्तन का दृढ़ संकल्प किया। ज्ञात हो की पिताश्री ब्रह्मा बाबा की 56वीं स्मृति दिवस को भिलाई,दुर्ग छत्तीसगढ़ सहित समूचे विश्व के सभी सेवाकेंद्रो में विश्व शान्ति दिवस के रूप में मनाया गया |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *