पाटन। जूट से बनी गणेशजी की प्रतिमा, पेड़, पक्षी, हिरण और गाय। कला की यह अनोखी दुनिया हैंडलूम मेले में देखी जा सकती है। पाटन ब्लॉक के ग्राम सेलूद की गुणेश्वरी ठाकुर ने जूट से मानो पूरी दुनिया बसा दी है। देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ ही ढोलक, मृदंग और आदिवासियों का मेला भी जूट से बनाया है।

दुर्ग जिला की उभरती जूट कलाकार को जोहार आदिवासी कला मंच छत्तीसगढ़ जो आदिवासी समाज के कलाकारों को एक मंच प्रदान जाता है। जिसके प्रांतीय वार्षिक सम्मान समारोह एवं कला महोत्सव 2024 जिला गरियाबंद में आयोजित किया गया था। जिसमें ग्राम सेलूद निवासी गणेश्वरी ठाकुर द्वारा जूट कला का प्रदर्शनी लगाई गई थी। जिसमें जूट कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इनके द्वारा जूट से ज्वेलरी,मोमेंटो,आदिवासी संस्कृति और छत्तीसगढ़ी संस्कृति को उभारा जाता है।
गुणेश्वरी का कहना है कि जूट पूर्व में उपयोग होता था । उसकी उपयोगिता को फिर से पुनजीर्वित करना है। और यह पर्यावरण के अनुकूल भी है।

