पृथक छत्तीसगढ़ आंदोलन की पहली आवाज थे डॉ. खूबचंद बघेल:संजय नेताम

ईश्वर रामटेके , मैनपुर

मैनपुर . स्वतंत्रता संग्राम सेनानी छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न देखने वाले डॉ खूबचंद बघेल की जयंती रविवार को विश्राम गृह मैनपुर में मनाई गई। मैनपुर स्थित विश्राम गृह में कांग्रेस पदाधिकारियों ने डॉ. खूबचंद बघेल की छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान का पुण्य स्मरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ने कहा कि अलग छत्तीसगढ़ राज्य के लिए सबसे पहले डॉ. बघेल ने आवाज उठाई थी। ऐसे महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलना छत्तीसगढ़ी के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन को गति देने में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही। डॉ. बघेल हिन्दी तथा छत्तीसगढ़ी के अच्छे लेखक व साहित्यकार थे।डॉ. खूबचंद बघेल ने जनजागरण की जो अलख जलाई है,सदा हमारे मन में जलती रहनी चाहिए। उपस्थित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैनपुर के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने डॉ. बघेल मार्गों को अनुसरण करने पर जोर दिया और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व सहित डॉ. बघेल के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला।असंगठित क्षेत्र कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश मानिकपुरी ने कहा कि डॉ. साहब छत्तीसगढ़ के महान सपूत और राष्ट्रभक्त थे। वे छात्र जीवन से ही राष्ट्रवादी गतिविधियों से जुड़े और असहयोग आंदोलन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों युवाओं को प्रेरित कर स्वाधीनता संग्राम से जोड़ा। इस अवसर पर प्रमुख रूप से हरिश्वर पटेल,रहीम खान,निखिल जगत,दीनू पटेल,तनवीर राजपूत,प्रेम पटेल,भूपेंद्र पटेल,गजेंद्र नेगी,कुमेंद्र कश्यप,राहुल निर्मलकर,चेतन सोनवानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

   

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