लोकेश्वर सिन्हा….
- कुटेना ग्राम पंचायत के सहमति से अवैध रेत उत्खनन और भंडारण
- छुरा तहसीलदार और खनिज इंस्पेक्टर ने तत्काल किया पंचनामा
- बिना किसी रोकटोक नदी में चैनमोंटिंग उतार कर ट्रेक्टरों से ढुलाई कर भंडारण किया जा रहा है
गरियाबंद । जिला गरियाबंद विकास खंड छुरा ग्राम पंचायत कुटेना के पंचायत प्रतिनिधिओं और ग्रामीणों ने अपनी खुद का नियम बनाकर लगभग 4 लाख 6 हजार रुपये में नदी को रेत उत्खनन और भंडारण के लिए दिया गया। जिसका बकायदा बोली भी लगाया गया है। और मिली जानकारी के मुताबिक बोली लगाने वाले चोवाराम साहू व ग्राम विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष औऱ उनके साथी सदस्यों द्वारा पंचायत को 65 हजार दिया गया हैं। बात की खुलासा तहसीलदार और खनिज इंस्पेक्टर के सामने दबे जुबान से लोगों के बीच से आया है। यहाँ कुटेना पैरी नदी स्थित न कोई घाट की स्वीकृति है और ना ही भंडारण का का अनुमति ? फिर भी रेत माफियाओं के द्वारा डंके के चोट पर अवैध खनन और भंडारण कर रहे हैं वह भी पंचायत के साठगांठ होने का इशारा कर रहा है। इन रेत माफ़ियाओं द्वारा तड़के सवेरे 5, 6 ट्रेक्टर से रेत निकाल कर गांव के पानी टंकी के पास भंडारण करके देर रात को ट्रकों में रेत को भर कर नेशनल हाइवे से रेत की निकासी की जा रही हैं।
जबकि 15 जून से 15 अक्टूबर तक सभी गौंण खनन प्रतिबंधित है फिर भी रेत खनन गरियाबंद मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी पांडुका से लगे गाँव कुटेना में रातोंरात अवैध रेत भंडारण हो रहा है और जिला प्रशासन को पता तक नहीं चलता या फिर स्थानीय रेत माफियाओं के द्वारा स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अवैध भंडारण कर रहे हैं* अब अगर प्रशासन के द्वारा इस तरह का कृत करने मेंं संकल्पित है तो आम जनता मुकदर्शक बनने में मजबूर हो जाता है। लगभग रेत माफियाओं का स्थानीय दलालों और विभागीय अधिकारियों से साठगांठ कर अवैध खनन परिवहन को अंजाम देते आ रहे हैं। पैरी नदी कुटेना में न घाट स्वीकृत किया है और न भंडारण का अनुमति फिर भी पर रेत का अवैध भंडारण किया जा रहा है विगत दो दिन पहले शुरु किया गया। जिला खनिज प्रशासन के मुकदर्शक बने रहने पर अवैध रूप से खनन कर भंडारण शुरु हो गया।
वर्षण:-
पंचायत में पैसा नही है तो बस्ती विकास के लिए पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के सहमति से दिया गया हैं।
देव सिंग कवर सरपंच ग्राम पंचायत कुटेना
पंचायत ने खुद का नियम बनाकर रेत खदान संचालित कराया जा रहा है जिसकी जानकारी जिला प्रशासन को हो चुका है, मगर मात्र पंचनामा कर कार्यवाही को लंबित रखना समझ से परे है। इससे स्पष्ट होता है कि रेत माफिया ही चला रहे हैं शासन और प्रशासन । जबकि वर्तमान स्थिति में पूर्ण रूप से खनन प्रतिबंधित तो खनन कैसे शुरु किया गया हैं इससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकारी तंत्र का मिलीभगत से हो रहा है खनन और भंडारण।
प्रीतम सिन्हा ( भाजपा नेता गरियाबंद)
