हमारा देश हमसे आज भी त्याग और तपस्या चाहता है । त्याग बुरी चीजों का करिए और तपस्या अपने लिए कीजिए ,,विद्यार्थी जीवन तपस्या की ही मांग करता है,,नागरत्ना गनवीर

शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली दुर्ग में देश का 78 वाँ स्वतंत्रता दिवस बड़ी हर्षोल्लास से मनाया गया

दुर्ग,,शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली दुर्ग में देश का 78 वाँ स्वतंत्रता दिवस बड़ी हर्षोल्लास से मनाया गया। प्राचार्य डॉ. नागरत्ना गनवीर द्वारा भारत के वीर सपूतों के माल्यार्पण उपरांत प्रातः 8:00 बजे ध्वजारोहण किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि आजादी को पाने के लिए भारत ने 200 साल तक अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। भारत की स्वतंत्रता की यात्रा अपार बलिदान, साहस और एकता से भरी हुई है। 1857 के विद्रोह से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारी स्वतंत्रता के लिए कई चुनौतियों का सामना किया। हमारा देश हमसे आज भी त्याग और तपस्या चाहता है । त्याग बुरी चीजों का करिए और तपस्या अपने लिए कीजिए ।विधार्थी जीवन तपस्या की ही मांग करता है।

वरिष्ठ प्राध्यापक निवेदिता मुखर्जी ने छात्र- छात्राओं को पैंक्चुअल जीवन शैली अपनाने के लिए कहा ताकि वे एक बेहतर इंसान के साथ ही समय की कीमत समझ सकें।इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा कविता पाठ, देशभक्ति गीत और सुंदर भाषण प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ.ममता के द्वारा किया गया ।इस पावन पर्व के अवसर पर महाविद्यालय में प्रो. निवेदिता मुखर्जी ,नूतन देवांगन , लिलेंद्र कुमार वर्मा, डॉ पूजा पांडेय,शंभू प्रसाद निर्मलकर ,सतीश कुमार गोटा, डॉ.रितु श्रीवास्तव ,विनीता, वेद प्रकाश , गुलशन देवांगन,श्रीमती रंजना, संतोष कुमार गौड़,व्यास नारायण देवांगन ,सुखनंदन साहू, दीप मालिनी श्रीवास्तव एवं बड़ी संख्या में छात्र – छात्रों की उपस्थिति रही ।

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