, खबर हेमंत तिवारी
राजिम(पाण्डुका)- गरियाबंद व धमतरी जिले के बीच कोपरा-डुमरपाली के बीच पैरी नदी में बने एनीकट में इन दिनों एनीकट के एक फिट ऊपर पानी चल रहा हैं। जिसे आने जाने वाले लोग दोपहिया वाहन में अपनी जान को जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घटित हो सकता हैं। प्रशासन द्वारा इस तरह की अनहोनी घटना को रोकने कोई ठोस प्रयास नही किया गया हैं। जबकि कायदे से जल संसाधन विभाग को बकायदा बारिश शुरू होते ही एनीकट के दोनों छोर में राहगीरों को एनीकट के ऊपर पानी चलने पर संकेत देने के लिए संकेतक बोर्ड लगाना चाहिए था, जिससे राहगीर एनीकट के ऊपर पानी चलने की स्थिति में एनीकट को पार न करें। वही, जब नदी में जब पानी बढ़ता हैं, तो पुलिस प्रशासन द्वारा भी एनीकट क्षेत्र में गस्त किया जाना चाहिए।

लेकिन प्रशासन द्वारा इस तरह का कोई इंतजाम नहीं किया गया हैं। इससे साफ प्रतीत होता हैं कि प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतजार हैं।
एनीकट के सभी गेट बंद, इसलिए ऊपर से चल रहा पानी- नगर के कुछ लोगो ने बताया कि एनीकट में जितने भी गेट लगे हुए हैं, वे सभी बंद होने के कारण नदी का पानी एनीकट के ऊपर चल रहा हैं। अगर एनीकट के सभी गेट को खोल दिया जाए तो नदी का पानी गेट से निकलने के कारण एनीकट के ऊपर नही चलेगा। जिससे राहगीरों को जान जोखिम का कोई खतरा भी नही होगा। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि एनीकट के गेट गर्मी के मौसम में खुला हुआ रहता हैं, जबकि गर्मी के मौसम में एनीकट में पानी को रोकना चाहिए, जिससे क्षेत्र का वाटर लेवल कम न हो। वही, संबंधित विभाग द्वारा बारिश का मौसम आते ही एनीकट के सभी गेट को बंद कर देते हैं, जिससे नदी में पानी बढ़ने के कारण पानी एनीकट के उर बहता हैं, जिससे इस एनीकट मार्ग से आने जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता हैं।
इस संबंध में जल संसाधन विभाग के एसडीओ महेश पंडोरिया ने बताया कि एनीकट धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र के अंतर्गत आता हैं। वहां के एसडीओ को बोलकर संकेतक बोर्ड लगाने व बंद गेट को खोलने कह देता है।
