पाटन। आमजन को स्वच्छता का ककहरा सिखाने के लिए कुछ वर्ष पहले शुरु किये गये स्वच्छता अभियान अब कई गावों में बेदम हो गया है। गांव से लेकर शहर तक फैली गंदगी इस योजना की दुर्व्यवस्था की गवाही दे रही है। बदबू और सडांध के घिरे लोगों के लिए स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत का संदेश अब बेमतलब लगने लगा है। हालांकि आज भी कागजों में गाँव और कस्बा स्वक्षता सर्वेक्षण में अव्वल आता है।

जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायत ढौर की मुख्य मार्ग हो या संकरी गलियां सभी गंदगी की चपेट में आकर कराह रहीं हैं। यहां की बजबजाती नालियों से निकलती दुर्गंध आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। गलियों में घरों से निकलने वाले पानी की समुचित व्यवस्था नही होने से गलियों में हर समय गंदा पानी बहते रहता है। यही नही नियमित साफ-सफाई नहीं होने एवं मुख्य गलियों में सड़क के बीचों बीच खोद कर अस्थाई नाली बना दिये जाने से दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सड़क पर से थोड़ी सी भी नजर हटी तो आप का स्वागत गांव की गलियों में बहते गंदे पानी और कीचड़ से होगा। गाँव की गलियों की इस कदर दुर्दशा होने के बाद भी कोई भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई सुधि नहीं है। यहां के लोगों को जिस दिन बारिश होती है उस दिन और ज्यादा मुशीबतों से गुजरना पड़ता है। सरपंच दुलारी यादव ने बताया कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिये क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मांग की गई है।
