सेलूद।बजरंग चौक सेलूद में महिला समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन कथा वाचक हरिशंकर वैष्णव ने सुदामा चरित्र का वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथावाचक ने संदीपनी आश्रम में एक गुरु के शिष्य रहे भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान की कृपा हर भक्त को समान रूप से मिलती है। भगवान राजा और रंक में कोई भेद नहीं करते हैं। भगवान के बाल सखा सुदामा गरीब थे, लेकिन उनका एक-दूसरे के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण था। कथावाचक ने भगवान के प्रति भक्ति में ऐसा ही समर्पण लाने की बात कही। उन्होंने गृहस्थ धर्म का पालन करने की सीख देते हुए कहा कि गृहस्थ में रह कर अपने कर्तव्यों की पालन करने के साथ ही भगवत भक्ति करनी चाहिए। कहा कि जब भी भक्त पर किसी प्रकार का संकट आता है और भक्त निश्छल भाव से भगवान को पुकारता है, भगवान भक्त के सभी दुख को दूर कर देते हैं। भगवान भाव के भूखे होते हैं। सुदामा के संकट को भी भगवान कृष्ण ने दूर किया था।
मौके पर सरपंच खेमिन साहू,उषा देवांगन,शीलू साहू,पूर्णिमा देवांगन,पिंकी साहू,भारती यादव,भगवती साहू,गीता वर्मा,झमिला साहू,लक्ष्मी द्विवेदी, फूलकुमारी साहू,ममता यादव,हेमकुमारी वर्मा,सरोज मेश्राम,किरण सोनवानी,योगिता साहू,गिरिजा साहू,माया वर्मा, सहित अन्य उपस्थित थे।
श्रीमद भागवत कथा: सुदामा चरित्र का वर्णन को सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
