खबर हेमंत तिवारी
राजीम/ कहावत है अगर अंधे के हाथ बटेर लग जाए तो उसे शेर नहीं कहा जाता ऐसा ही कुछ देखने को मिला जिले के खनिज विभाग टीम के साथ जो महीना भर से चल रहे राजिम आसपास के अवैध घाट सिंधौरी, चौबे बांधा, रावड, पिताईबंद परसौदा जोशी हथखोज ,जैसे आधा दर्जन भर अवैध रेत खदानें जब खुले आम दिन और रात चल रही थी। तब सोया हुआ जिला का खनिज विभाग नहीं जगा और वही जब पोर्टल एवं दैनिक समाचार पत्रों में लगातार अवैध खनन की समाचार प्रकाशित की गई तो नींद से जागे खनिज विभाग की टीम ने राजिम आसपास दौरा किया।तब जब रेत चोर अपना पूरा काम धाम समेट चुके थे। तब कार्यवाही की गई जानकर बताते हैं कि कार्यवाही के लिए निकलने से पहले टीम इन रेत चोरों को बचाने सतर्क कर देते है ।जिस कारण इनके पार्टनर अपनी गाडियां रेत खनन से निकल देते है ।और खनिज विभाग की टीम को कुछ हाथ नहीं लगता पर ,खाली हाथ लौटने से आम जनता में छबि धूमिल हो गया तो इस कारण कुछ नही तो मुश्किल से एक को बलि का बकरा बनाया जाए इस कारण रावड, बकली के पास एक रेत से भरा एक हाईवा गाड़ी मिला जिसे पड़कर सीना तान अपने कार्यवाही का डिंडोरा पीट रहा है ।जब हजारों की संख्या में रोज चैन माउंटेन और हाईवा गाड़ी नदियों का सीना छेद रहा था तब क्या सोया हुआ विभाग को खबर नहीं थी खनिज विभाग और रेत चोरों की यह पत्तेदारी से ये कार्यक्रम सालों से चलते आ रहा है चाहे वह शासन कांग्रेस का हो या फिर भाजपा का रेत चोर सभी सत्ताधारियों से साठ गाथ कर अपना रास्ता बना लेते हैं और सबके साथ सबके विकास के तर्ज पर जिस तरह सेटिंग से ग्राम पंचायत के सरपंचों से लेकर ग्राम विकास समिति, स्थानीय नेता , विभागीय अधिकारी ये सब हिस्सेदार होते हैं।ऐसे में कुछ दिनों तक कार्रवाई की असर रहेगा । जैसे माहौल ठंडा होगा फिर रेत चोर सक्रिय हो जाएंगे ।जब तक आम जनता सड़क पर नही उतरेगा तब तक ऐसा अवैध रेत खनन चलता रहेगा।
