हिंदू नव वर्ष मनाने जिम्मेदार लोग जड़गत मोटिवेट करे तब संस्कार की पुरवाही चल पड़ेगी-डॉ. गुलाब साहू

जामगांव-आर। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामगांव आर में चैत्र नवरात्र प्रथम दिवस मंगलवार को शर्बत की चुस्की के साथ हिंदू नव वर्ष पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। साहू समाज तहसील उपाध्यक्ष डा गुलाब साहू ,नागरिक सुरक्षा सेवा समिति महिला विंग जिला अध्यक्ष भारती सोनबेर ,साहू समाज परिक्षेत्र पूर्व अध्यक्ष कामता प्रसाद साहू व्यवस्थापक एके जैन मंचासिन रहे। भारत माता, मां सरस्वती की तस्वीर समक्ष पुष्प तिलक धूप अर्पित कर हिंदू नव वर्ष पर गोष्ठी प्रारंभ किया गया। शत शत नमन भरत भूमि को ,,, और राष्ट्र की जय चेतना का गान वंदे मातरम,,,का सामूहिक देश भक्ति गीत के बाद प्रबुद्ध लोगो का विचार प्रगतिकरण हुआ।उपस्थित लोगो ने हाथ जोड़कर एक दूसरे को हिंदू नव वर्ष की बधाई शुभकामनाएं दिए।

भारत में हिंदू नव वर्ष से परे बाल्यकाल और युवा चिंतनीय,,,,साहू समाज तहसील उपाध्यक्ष डा गुलाब साहू ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी भारत में हिंदू नव वर्ष चैत्र नवरात्र प्रथम दिवस के बजाय अंग्रेजी नव वर्ष 1 जनवरी मनाने में अधिक रुचि चिंतनीय और विचारणीय है।इसी कमी के चलते संस्कार बड़ी तेज गति से गिरते जा रहा है।अंग्रेज तो देश से चले गए लेकिन देश को अंग्रेजियत की मानसिकता से बाहर लाने में जिम्मेदार लोग नाकाम रहे। जिसका दुष्परिणाम संस्कार के गिरते स्तर के रूप में जग जाहिर है। देर ही सही अभी भी दुरुस्त कर ले हिंदू नव वर्ष की गरिमामय प्रभावी प्रभाव युवा पीढ़ी समझने लगे तो संस्कार भारतीय संस्कृति अनुकूल पटरी में आ सकती है और चहूं ओर मनाए जाने लगेगी हिंदू नव वर्ष फिर बजने लगेगा संस्कार का डंका। जिला अध्यक्ष भारती सोनबेर ने सबको बधाई देते हुए समाज सुधार पर अपनी बाते रखे।संस्कार को मजबूत करने का आव्हान किए।

75 साल बाद भी हिंदू नव वर्ष पर जश्न नही दिखता,,,,व्यवस्थापक एके जैन एवम साहू समाज परिक्षेत्र पूर्व अध्यक्ष कामता प्रसाद साहू ने कहा कि शिक्षा संस्कार संगति एकता और व्यक्तिगत पहचान कुशल जीवन की आधारशिला है।इन पांचों बातो पर माता पिता को संतान के परिवरिश के समय हर संभव ध्यान देना चाहिए। सत्ता पर विराजमान लोग जनता के पालक होते है ,सत्तासीन लोग हिंदू नव वर्ष की महिमा बताने समझाने में कोताही बरती या केयर नही किए उसका दुष्परिणाम 75 साल बाद भी भारत के लोग नव वर्ष 1 जनवरी को मनाते हुए नए साल की बधाई देते हुए रात दिन जश्न मनाते है। जरा सोचे कितने लोग हिंदू नव की बधाई चैत्र नवरात्र प्रथम दिवस को एक दूसरे को दिए। बाल्यकाल और युवा पीढ़ी की संख्या तो निश्चित तौर पर घोर चिंतनीय होगी। निश्चित तौर पर अब बिना देर किए इन्हे बताया जाना चाहिए कि भारत का नव वर्ष चैत्र नवरात्र प्रथम दिवस होता है।स्कूल और घर में बच्चो को मिले संस्कार ,,,,प्राचार्य पीएल बारले ने कहा कि संस्कृति की जानकारी बचपन से ही स्कूल और घर में प्रभावी ढंग से मिले तब संस्कार की उमदा बयार समाज घर परिवार देश को लाभान्वित कर पाएगी। हिंदू नव वर्ष चैत्र नवरात्र हमे तप साधना के साथ धर्म और कर्म का संदेश देती है।इस अवसर पर हथेश्वर साहू धनेश्वरी साहू दिलेशवरी साहू प्रीति साहू तेजेश्वरी साहू तिलेश्मी नेताम हीना साहू चंद्रिका यादव उपस्थित रहे।आभार मिडिल प्रधानाचार्य पवन बंछोर ने किया संचालन प्राथमिक प्रधानाचार्य भूमिका साहू ने किया।

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