छुरा@@@@@ श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान अर्जुन को इसलिये दिया क्योंकि वह कर्त्तव्य पथ से भटकर संन्यासी और वैरागी जैसा आचरण करके युद्ध छोड़ने को आतुर हो गया था वह भी ऐसे समय जब की सेना मैदान में डटी थी। ऐसे में श्रीकृष्ण को उन्हें उनका कर्तव्य निभाने के लिए यह ज्ञान दिया।जिस ज्ञान को अर्जुन के अलावा और संजय ने सुना और उन्होंने धृतराष्ट्र को सुनाया। यह ज्ञान हनुमानजी सहित आकाश में स्थित ब्रह्मा, विष्णु, महेश और इंद्रादि अन्य देवताओं ने भी सुना । छुरा नगर के आमापारा मे यादव परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दुसरे दिन भागवत आचार्य पण्डित श्री रत्नेश जी महराज ने श्रद्धालुओ को संबोधित करते हुए कहा कि भगवानश्रीकृष्ण के माध्यम से ,उस कालरूप परम परमेश्वर ने गीता का ज्ञान विश्व को दिया। उन्होंने महाभारत के भीष्म की कथा सुनाई तथा कहा कि पापी व्यक्ति का अन्न ग्रहण करने से बुद्धी नष्ट हो जाती है। उन्होंने बताया श्रीमदभागवत पुस्तक नहीं साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है। इसके एक एक अक्षर में भगवान समाए हुए हैं। इस कथा को सुनना दान, व्रत, तीर्थ से भी बढ़कर है।इसे सुनने से धुंधकारी जैसे महापापी, प्रेतात्मा का उद्धार हो जाता है। मनुष्य से गलती होना बड़ी बात नहीं लेकिन गलती को समय रहते सुधार करना जरूरी है। ऐसा नहीं किया तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा होनी और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता पर हर किसी में बसता है। हमारे पूर्वजों ने सदैव ही पृथ्वी का पूजन और रक्षा की। इसके बदले पृथ्वी ने मानव का रक्षण किया। आयोजक स्वर्गीय श्री लतेल राम यादव की धर्म पत्नी श्रीमती फुल्कंवर यादव ने अपने पूर्वजो की स्मृति मे आमपारा निज निवास के समाने यह कथा प्रतिदिन दोपहर 2:00 से देर शाम तक चलते रहेयेगी है .इसका समापन 08मार्च को सहस्त्र धारा, हवन पूर्णाहुति के साथ होगा. वही आयोजक परिवार यशवंत यादव,पार्षद हरिश यादव, पत्रकार तेजस्वी यादव , कुसुम,तिलेश्वर यादव एवं परिजनो द्वारा किया जा रहा है ।
कालरुप परमेश्वर ने गीता का ज्ञान विश्व को दिया——-पं रत्नेश जी महराज नगर मे आयोजित श्रीमद भागवत कथा सुनने माताओ, बहनो ने ली रुचि उमड़ने लगी भीड
