जामगांव आर।सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामगांव आर ने शुक्रवार को नवागांव एवम सुरपा में बेगलेश निशुल्क सरस्वती संस्कार केंद्र का उद्घाटन हुआ।इसके पूर्व रनचीराई बोरवाय जामगांव आर कुम्हली और भरर में संस्कार केंद्र शुभारंभ विद्यालय ने किया। इन 7 सरस्वती संस्कार केंद्रों में कुल लगभग 200 नन्हे मुन्नों को संस्कार उनके गांवो में देकर भविष्य संवारने का शानदार अभिनव पहल सरस्वती शिशु मंदिर परिवार कर रही है।व्यवस्थापक एके जैन ने बताया भारत की संस्कृति का बीजारोपण बाल्य काल में करके देश भक्त भावी नागरिक तैयार करने की दृष्टि से 3 से 5 साल एवम पहली से पांचवीं पढ़ने वाले इच्छुक बच्चो का पंजीयन कर सरस्वती शिशु मंदिर जामगांव आर गांव गांव में यह पहल कर रही है

।विद्यालय की इस पहल को अधिकांश ग्राम पंचायतों के सरपंच उपसरपंच पंचगण प्रबुद्ध वर्ग समाजसेवियों ने उद्घाटन समारोह में गरिमामय उपस्थिति देकर कंठ मुक्त प्रसंशा किए।संस्कार केंद्र में ऐसे गढ़ेंगे नन्हे मुन्ने अपना भविष्य,,,व्यवस्थापक ने बताया कि सरस्वती संस्कार केंद्र में प्रातः कालीन डेढ़ घंटे संस्कार की बाते नन्हे मुन्ने बच्चे सीखेंगे। प्रतिदिन माता पिता बड़ो को प्रणाम करना, भोजन मंत्र ,भगवान गणेश एवम माता सरस्वती वंदना,गायत्री मंत्र, सुवाक्य बोलना, संस्कृत उच्चरण, पोयम अल्फाबेट,देश भक्ति गीत , कबीर के दोहे , कहानी ,गीत आदि का ज्ञान सिखाने का प्रयास किया जाएगा ,अप्रैल 2024 तक चलने वाली इन केंद्रों में ट्रेंड आचार्य दीदी का सानिध्य बच्चो को प्राप्त होगा ।बच्चो को केंद्र तक लाने लेजाने का निर्धारित समय का पालन माता पिता करेंगे। गौरान्विंत जीवन जीने के लिए संतान को धन से पहले संस्कार से मालामाल करे ,

,,,नवागांव में संस्कार केंद्र का शुभारंभ मातृशक्ति से मां सरस्वती की पूजा अर्चना कराते हुए प्राचार्य पीएल बारले ने कहा कि संस्कार सुख शांति का आधार है माता पिता परिवार का नाम रोशन करने वाला संतान चाहिए तो बच्चो को संस्कार देने के लिए सजग होना पड़ेगा।संस्कार से परे संतान दुर्गति का शर्मनाक इतिहास लिखते है,केवल धन से मालामाल होने से सुख शांति नही मिलती है। इस बात को समाज के वर्तमान वातावरण में संस्कार के गिरते स्तर से समझकर स्व स्फूर्त सजग हो जाना चाहिए। संतान को धन से पहले संस्कार दे।संस्कार ही सुख शांति का स्त्रोत,,,,सुरपा के समारोह में पूर्व सरपंच एवम सरपंच प्रतिनिधि सरोजकूमार साव ने कहा कि संस्कार ही जीवन में सुख शांति का स्त्रोत है किंतु भौतिकवादी दृष्टि के चलते आदमी केवल धन की ओर दौड़ लगाने लगा है और एन केन प्रकारेण अधिक धन कमाकर खुस शांति पा लेना चाहता है जो केवल मृगतृष्णा ही साबित हो रही है। संस्कार का स्तर बड़ी रफ्तार से गिरने लगा है। ऐसे विषम धडी में सरस्वती शिशु मंदिर जामगांव आर द्वारा गांव में निशुल्क संस्कार केंद्र प्रारंभ करना सराहनीय है इस अभिनव पहल का लाभ ग्रामीण स्व स्फूर्त उठाए।ये रहे उपस्थित,,,,इस अवसर पर नवागांव समारोह में सरपंच चंद्रभान साहू निलेश कुमार बचन नुरेंद्र केजऊ बुधारू चंद्रहास दुजराम वेणु ललित रीना सत्यवती वंदना कुलेश्वर पूर्ण प्रकाश आदि सुरपा के समारोह में सरोजकुमार साव नरेंद्र धर्मगुड़ी थानसीह ठाकुर मिश्रीलाल जनेश्वरीसाहूरीना देवांगन टीकेश्वरी आदि उपस्थित रहे।
