छत्तीसगढ़ की मटपरई शिल्पकला की कार्यशाला पीएम श्री नवोदय विद्यालय बोरई में


उतई ।पीएम श्री नवोदय विद्यालय बोरई में छत्तीसगढ़ की विलुप्तप्राय शिल्पकला मटपरई का 10 दिवसीय प्रशिक्षण दे रहे हैं दुर्ग निवासी मटपरई शिल्पकार अभिषेक सपन व सहयोगी डोमेन्द्र कुमार देशमुख द्वारा। मिट्टी व कागज से बनाई जाने वाली मटपरई शिल्पकला के प्रशिक्षण कार्यशाला में 30 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया है जो बड़ी बारीकियां से इस कला को समझते हुए, छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति से संबंधित नृत्य, संगीत, पशु, पक्षी व परंपराओं को बना रहे हैं। अभिषेक सपन छात्र-छात्राओं को शिल्प कला बनाते-बनाते छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति से संबंधित तीज त्योहार व परंपराओं को बड़ी बारीकियां से बताते हैं जिसमें छत्तीसगढ़ की हरेली, तीजा, पोरा दिवाली,छेर छेरा व लोक संगीत, लोक नृत्य सुवा, करमा,सैला,राउत नाचा,पंथी । ताकि बच्चे अपनी संस्कृति व सभ्यता को जानते हुए इस शिल्प कला को बड़ी आसानी से बना सके। पीएमसी जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई के प्राचार्य श्री संजय सिन्हा ने कहा कि यह एक विलुप्तप्राय व अनोखी कला है जिसके संरक्षण व संवर्धन अति आवश्यक है अतः इस कला के संरक्षण हेतु हमारे स्कूल में 10 दिवसीय कार्यशाला मटपरई का चल रहा है, जिसमें हमारे छात्र-छात्राएं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिए हैं, कार्यशाला की सुचारू रूप से व्यवस्था जवाहर नवोदय विद्यालय की कला शिक्षिका श्रीमती माधुरी साहू द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ की विलुप्तप्राय शिल्प कला की संरक्षण व संवर्धन का कार्य करने वाले छत्तीसगढ़ की एक मात्र शिल्पकार है अभिषेक सपन। जो निरंतर इस कला को आगे बढ़ाने में लगे हुई है।

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