गाँव चलो अभियान के प्रशिक्षण कार्यक्रम से उत्तर पाटन मंडल के कार्यकर्ताओं ने बनाई दूरी

पाटन। गांवों तक अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए भाजपा ‘गांव चलो’ अभियान चला रही है। अब तक भाजपा ने जितने अभियान चलाए वे बूथ सशक्तीकरण या ‘बूथ चलो’ के नाम से थे लेकिन पहली बार भाजपा ‘गांव चलो’ अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान में 9 से 11 फरवरी तक पार्टी के दिग्गज और वरिष्ठ कार्यकर्ता गांव में 24 घंटे बिताएंगे।

कार्यक्रम की तैयारी को लेकर भाजपा उत्तर पाटन मंडल द्वारा आज विश्राम गृह तर्रा में कार्यकर्ता बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। उक्त बैठक में नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने दूरी बनाते हुए राज्य सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज किया है। ग़ौरतलब हो कि क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व सरकार द्वारा अमलेश्वर पालिका क्षेत्र में मनोनीत अध्यक्ष , उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति को निरस्त किये जाने की मांग नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से किया था। लेकिन कार्यकर्ताओं की मांग पूरा नही होने से नाराजगी व्यक्त किया है।

भाजपा द्वारा तर्रा में आयोजित बैठक में अमलेश्वर, अमलेश्वरडीह,भोथली, मगरघटा,खुड़मुड़ा के भाजपा कार्यकर्ता शामिल नही हुए है। जिसमे मंडल महामंत्री, भाजयुमो अध्यक्ष शामिल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति के तहत गांवों पर फोकस करना है। इसलिए इस बार भाजपा का ध्यान गांवों पर अधिक है। इस हिसाब से देखा जाए तो लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का ‘गांव चलो’ अभियान कई लक्ष्य साधने पर है। अगर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह विरोध दर्ज कराया जाता है तो गाँव चलो अभियान के सफल होने पर संसय हो सकती है।

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