गोलछा जिनेश्वर यात्री विशेष पूजा ड्रेस में पूजा करते हुए नाकोड़ा तीर्थ पहुंचे,,,,धर्म यात्रा संघ का लाभ मिलना सौभाग्य की बात है,,,,संघपति पन्नालाल गोलछा

जामगांव आर। नवागांव वाले पन्नालाल गोलछा संघपति द्वारा 210 जैन धर्म आराधको को लेकर बुधवार को प्रस्थान की गई 9 दिवसीय धर्म यात्रा के यात्री मालपुरा अजमेर में दादा गुरुदेव की पूजा गुलाबी कम्बीनेशन युक्त पूजा ड्रेस में किए।संघ पति पन्नालाल गोलछा

भंवरलाल गोलछा ने भी भक्ति रंग में डूब कर दादा गुरुदेव की भक्ति किए।यात्रा के डायरेक्टर धनराज गोलछा ने बताया की 210 यात्रियों की यात्रा लक्जरी बस में ग्रुप बनाकर खाने पीने रहने बसने का कुशल प्रबंधन के साथ किया गया है ।सभी ग्रुप के यात्री धर्म यात्रा में पूर्ण भक्ति भाव में डूबकर निरंतर अगले पड़ाव की ओर बढ़ते जा रहे बस में स्व रचित भक्ति संगीत की बाहर चल रही है आपस में प्रेम व्यवहार की मिठास सबको भरपूर आनंद दे रही है।संघ ले जाने का सौभाग्य मिलना हर्ष का विषय है,,,210 स्वधर्मियो को धर्म यात्रा कराने का पुण्य अर्जन करने वाले पन्नालाल गोलछा ने कहा कि पुण्य प्रबल होने पर ही ऐसा सौभाग्य प्राप्त होता है।धर्म यात्रा से निश्चित तौर पर पुण्य का अर्जन होना ही है अनेकों लोग चाह कर भी धर्म यात्रा अनेकों कारणों से नही कर पाते।यदि इस पावन यात्रा के निमित्त यात्रा हो पा रही है तो अनमोल दुआ तो मिलेगी ही।यह नश्वर संसार में मिलना बड़ा दुभर कार्य होता है।भाव से भव पार होते है,,,,संघपति के धर्मनिष्ठ भाई भंवरलाल गोलछा कहते है भाव से भव पार होते है। भव पार करने के सारे जतन करते रहना चाहिए। नश्वर संसार में चिंता नहीं चिंतन कर आत्मा को परमात्मा बनाने की ओर अग्रसर होना चाहिए।इस यात्रा में साधु संतो का सत्संग मिलेगा जिससे जीवन को संवारने की राह मिलेगी।पालीताना में विराजित छत्तीसगढ़ माटी पुत्र आचार्य भगवंत पीयूष सागर जी का दर्शन वंदन लाभ पालीताना तीर्थ में मिलेगा। तारणहार आदिनाथ दादा का दर्शन लाभ मिलेगा।इस यात्रा का यह अद्वितीय लाभ है।मंडोली जीरावला 23 को,,,संघ पति सुपुत्र ज्ञानचंद प्रकाश चंद गोलछा ने बताया कि 23 दिसंबर 23 को मंडोली शांतिगुरुदेव का दर्शन पूजन कर जीरावला पार्श्वनाथ प्रभु के दरबार पहुचेंगे 210 तीर्थ यात्री।श्रमण संघ ने किया सम्मान,,,श्रमण संघ के पदाधिकारी टीकम छाजेड़ ने संघपति पन्नालाल गोलछा की धर्मपत्नी पारस बाई गोलछा का सम्मान किया केवल छाजेड़ ने सहयोग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *