रिसाली,,, विश्व एड्स दिवस की स्थापना विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO द्वारा 1988 में की गई थी।एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम एड्स से अपनी जान गवाने वाले सभी लोगों को याद करने के लिए हर साल 1 दिसंबर को दुनिया भर में यह दिवस मनाया जाता है। ताकि जनता और सरकार को यह याद रहे की एड्स जैसी गंभीर बीमारी अभी दूर नहीं हुई है और अभी भी जागरूकता बढ़ाने, पूर्वाग्रह से लड़ने और इस विषय में शिक्षा में सुधार करने की आवश्यकता है । इसी को ध्यान में रखते हुए इस अवसर पर श्रीमती कांति ठाकुर जिला अस्पताल दुर्ग की काउंसलर का प्रबुद्ध व्याखान आयोजित किया गया ।उन्होंने छात्र – छात्राओं को बेहद सरल ,सहज एवं स्पष्ट शब्दों में विस्तारपूर्वक एचआईवी संक्रमण के बारे में जानकारी दी साथ ही उसके लक्षण ,कारण और बचाव से भी अवगत कराया ।उन्होने भारत एवं विश्व में एचआईवी पीड़ित लोगों का आंकड़ा बताते हुए उनके प्रति सहानभूति और भेदभाव रहित व्यवहार अपनाने का आग्रह किया ताकि वे हीनभावना से ग्रसित हुए बिना अपना इलाज करा सके । उन्होंने एचआईवी केंद्रों ,मुफ्त दवाइयों, एचआईवी पीड़ित व्यक्तियों और उनके परिवार को मिलने वाली अतिरिक्त सुविधाओं और एचआईवी एक्ट 2017 के विषय में भी जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ नागरत्ना के द्वारा किया गया।कार्यक्रम का संयोजन रेडक्रॉस प्रभारी प्रो.शंभू प्रसाद निर्मलकर के निर्देशन में हुआ । संचालन डॉ. ममता एवं आभार प्रदर्शन डॉ.पूजा पांडेय के द्वारा किया गया। महाविद्यालय के छात्र – छात्राओं को एचआईवी के प्रति जागरूक करने के लिए भाषण एवम निबन्ध प्रतियोगिता का भी अkयोजन किया गया। भाषण में टिशा चक्रधारी प्रथम मयंक देवांगन द्वितीय हिमानी तृतीय सिमरन सोनी तृतीय वहीं निबंध प्रतियोगिता में मयंक प्रथम fV’kk] द्वितीय दीपा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ।इस दौरान प्रो. निवेदिता मुखर्जी प्रो .लिनेंद्र कुमार वर्मा ,डॉ रीतू श्रीवास्तव, प्रो. वेद प्रकाश सिंह प्रो.विनीता प्रो. करण आदि की उपस्थिति रही।
शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली में विगत 1 दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस मनाया गया
