राजिम विधानसभा में आदिवासी समाज से विधायक बनना तय

  • राजिम विधान सभा के 319 गांव में कुल 85654 आदिवासी मतदाता

खबर हेमंत तिवारी

राजिम / अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद गरियाबंद के तत्वाधान में शनिवार को ब्लाक/ तहसील फिंगेश्वर के आदिवासी समाज द्वारा क्षेत्र के प्रसिद्ध आश्रम बावाकुपी मे बैठक संपन्न हुआ। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव में राजिम से आदिवासी उम्मीदवार का चयन एवम प्रत्येक आदिवासी समाज की ग्रामवार मतदाता सूची समाज के समक्ष प्रस्तुत कर एक रूपरेखा तैयार करना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा किया गया।

सर्वप्रथम आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उमेंद्री कोर्राम अध्यक्ष अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद गरियाबंद, अध्यक्षता द्वारिका ठाकुर अध्यक्ष अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद फिंगेश्वर, विशेष अतिथि लोकेश्वरी नेताम अध्यक्ष महिला मोर्चा एवम जिला पंचायत सदस्य गरियाबंद, विशिष्ट अतिथि टिकेश्वर कुंजाम अध्यक्ष अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद ब्लाक छुरा, विष्णु नेताम मीडिया प्रभारी, वीरेंद्र ध्रुव तहसील अध्यक्ष, केजुराम ध्रुव संरक्षक सर्कल, गणेशराम ध्रुव अध्यक्ष मडेली सर्कल, शिवशंकर कुंजाम अध्यक्ष कुरूद सर्कल, अगहन सिंह ध्रुव संरक्षक एवम फिंगेश्वर ब्लाक के समस्त पदाधिकारियों आदिवासी समाज की उपस्थिति में सर्वप्रथम इष्टदेव बूढ़ादेव मां दंतेश्वरी आराधना करते हुए जय जयकार करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

बैठक में उपस्थित गरियाबंद की शेरनी आदिवासी महिला लोकेश्वरी नेताम ने अपने संबोधन में कहा की समय बड़ा बलवान है जो समय के साथ चलता है जीत उसी की होती है जब नींद खुलती है तभी सवेरा होता है आज जिस प्रकार से पूरे आदिवासी समाज ने जो ताकत दिखाई है जिस प्रकार से एकता दिखाई है उससे साफ जाहिर होता है की आने वाला समय आदिवासी भाईयो का होगा। आज जिस हक और अधिकार मान सम्मान की बात करते है वो कही नही देखने को मिलता है दिखता है तो केवल कागजों पर आदिवासियो पर शोषण करना बंद करो आज राज्य सरकार हो या केंद्र की सरकार हो उनके प्रतिनिधि आदिवासियो का इस्तेमाल टीसू पेपर के जैसे कर रहे है वोट बैंक मूकबधिर बना बैठा है आदिवासी और यही आदिवासी जिस दिन किसी दूसरे के घर पर काम करने से मना कर देंगे तो इस संसार में कोई कार्य नहीं हो पाएगा जल जंगल जमीन के वासी आज इतने शोषण के शिकार हो रहे है जिसको कह पाना मुश्किल है आदिवासी जल जंगल जमीन के मालिक है लेकिन मालिक तो सिर्फ कहने के लिए है केवल कागजों तक सीमित है हकीकत दासता कुछ और बया करती है। शासन प्रशासन सिर्फ और सिर्फ आदिवासियो को ठेंगा दिखा रही है इसलिए आज समय है अपनी ताकत दिखाने का आगामी विधानसभा चुनाव में आदिवासी समाज का ही उम्मीदवार हो हम सब अपने सारे काम को छोड़कर तन मन धन से इस कार्य में लग जाए हम सब ये दावा करते है की आदिवासी समाज का विधायक भी बनेगा और आदिवासी समाज का ही सरकार बनेगा इसे कोई रोक नहीं सकता अब मंत्रियों के विधायक के पीछे झोला पकड़कर घूमना बंद कर दो बहुत हो गया। आदिवासी समाज के लोग जाग गए है अब लूट, हत्या, बेदखली बर्दास्त नही किया जाएगा बस बहुत हो गया हमारा शोषण श्रीमती नेताम ने आगे कहा की आदिवासी समाज के जो भी लोग है और वह किसी भी राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता पदाधिकारी है वह तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे अगर वह अपने पद से इस्तीफा नही देता है तो इसका निर्णय आदिवासी समाज करेगा जिसका नतीजा बहुत भयंकर हो सकता है या आदिवासी समाज से दूर होना पड सकता है जिससे हमारे प्रत्याशी को पूरी एकता के साथ कार्य करने में सबल मिलेगा मजबूती मिलेगी जहा समाज खड़ा होता है वहा किसी मंत्री, विधायक, सरकार की नही चलती। बैठक में उपस्थित फिंगेश्वर ब्लाक के सभी समाज प्रमुखों ने तालिया बजाई और इस निर्णय पर समर्थन दिया। राजिम विधानसभा में कुल 319 ग्राम है जहा आदिवासियो की संख्या कुल मतदाता 85654 है।

उमेद्री कोर्राम ने कहा की आदिवासियों की पहचान नष्ट किया जा रहा है जल जंगल जमीन मिल एवम फैक्टरी में तब्दील किया जा रहा है और ऐसे कंपनियों के हम लोग नौकर है आदिवासी समाज को अपनी पहचान एवम छाप छोड़ने की आवश्यकता है और ये छाप आदिवासी समाज है सबको एक होने की जरूरत है चाहें आंधी आए या तूफान डटकर मुकाबला करेंगे एक तीर एक कमान आदिवासी एक समान।

इस बैठक में बलदाऊ कश्यप, कोमन सिंह ध्रुव, परदेशी राम ध्रुव, रामाधार नेताम, नरेश कुमार ध्रुव, घनश्याम ध्रुव, दिलीप कुमार ध्रुव, तेजराम ध्रुव, लक्ष्मण कश्यप, डाकेश्वर ध्रुव, रामेंद्र ध्रुव, डोमार ध्रुव, राजेंद्र नागरची, फागुराम नेताम, रमेश कश्यप, प्रेमसिंग नागर्ची, ठाकुर राम, मनहरण कश्यप, कोमल नागरची, जगदीश नेताम, संतोष ध्रुव, चेतन मरकाम, बसंत मरकाम, की उपस्थिति रही।

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